रिश्वतखोरी का मामला: उपायुक्त ने लिया कड़ा संज्ञान, जांच के दिए आदेश

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डबवाली (सच कहूँ न्यूज)। डबवाली तहसील में किसान से रिश्वत के रूप में 2500 रुपये लेने और बाद में लौटाने का मामला जिला उपायुक्त प्रभजोत सिंह के संज्ञान में आ गया है। उन्होंने मामले की जांच के आदेश दिए है। इसके साथ ही मामले में आरोपी आरसी (रजिस्ट्री क्लर्क)की डबवाली से अन्यत्र तबादला कर दिया है। ज्ञात रहे कि डबवाली तहसील में सोमवार देर सायं एक रजिस्ट्री करने की एवज में रिश्वत की मांग की गई। रजिस्ट्री में यह कहकर आब्जेक्शन लगाया गया कि इसके साथ पैनकार्ड नहीं है। सरकार की हिदायत के अनुसार पैनकार्ड होना चाहिए।

लेकिन रिश्वत के 2500 रुपये लेने के बाद तहसीलदार ने इस पर साइन कर दिए। मामला किसानों को पता चला और उन्होंने तहसीलदार राजेंद्र वर्मा का घेराव कर लिया। कुछ किसानों ने घटनाक्रम की मोबाइल पर वीडियो भी बना ली, जोकि सोशल मीडिया पर वायरल भी हो गई। उपायुक्त ने मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए मामले की जांच के आदेश दिए है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

डीआरओ पद से रिटायर्ड है तहसीलदार

तहसीलदारों के रिक्त पदों के कारण पब्लिक के कामकाज प्रभावित न हो, इसलिए प्रदेश सरकार द्वारा रिटायर्ड अधिकारियों को नियुक्ति प्रदान की है। जिनमें डबवाली तहसीलदार राजेंद्र वर्मा भी शामिल है। वे कुछ अरसा पहले ही डीआरओ (जिला राजस्व अधिकारी) के पद से रिटायर्ड हुए थे। बताया जाता है कि श्री वर्मा डबवाली के एक नेता के काफी नजदीकी रहे है। अपनी राजनीतिक पहुंच के बलबूते उन्होंने खूब माल भी बटोरा है।

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