पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट की जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित

कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए निगरानी तंत्र करें मजबूत: उत्तम सिंह

Sarvesh Kumar Picture
Published On

गुरुग्राम (सच कहूँ न्यूज)। Gurugram News: उपायुक्त उत्तम सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को लघु सचिवालय में पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट की जिला स्तरीय स्टैंडिंग कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पीसी-पीएनडीटी एक्ट, मेडिकल टर्मिनेशन आॅफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) एक्ट और एआरटी एक्ट के तहत चल रही कार्यवाही की समीक्षा की गई। उपायुक्त उत्तम सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की मंशा के अनुरूप कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए पीसी-पीएनडीटी अधिनियम के नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि जिले में अवैध लिंग जांच और गैर-कानूनी गतिविधियों पर पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई की जाए तथा निगरानी तंत्र को और मजबूत बनाया जाए। डीसी ने स्वास्थ्य विभाग और फील्ड स्तर पर कार्यरत टीमों को निर्देश दिए कि सहेली नेटवर्क और ग्राम पंचायतों की भागीदारी से ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं, विशेष रूप से एक या अधिक बेटियों वाली महिलाओं पर विशेष नजर रखी जाए ताकि किसी भी संदिग्ध मामले में समय रहते कार्रवाई की जा सके।

डीसी उत्तम सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कम सेक्स रेशियो वाले गांवों में विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएं। गांव स्तर पर रेड, ग्रीन और येलो श्रेणी के अनुसार प्रदर्शन बोर्ड लगाए जाएं तथा लोगों को बेटी बचाओ अभियान से जोड़ने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और पंचायत स्तर पर गतिविधियां आयोजित की जाएं। उन्होंने कहा कि जागरूकता रैलियां, दीवार लेखन, पोस्टर अभियान और बेटी बचाओ गतिविधियों को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए ताकि समाज में कन्या भ्रूण हत्या रोकने और लैंगिक समानता के प्रति सकारात्मक संदेश पहुंचे।

पीसीपीएनडीटी के तहत 395 केंद्र पंजीकृत

सीएमओ डॉ. लोकवीर सिंह ने बैठक में बताया कि जिले में पीसीपीएनडीटी के तहत 395 केंद्र पंजीकृत हैं, जिनमें से 311 केंद्रों का निरीक्षण किया जा चुका है। वर्ष 2025 में तीन तथा वर्ष 2026 में दो एफआईआर दर्ज की गई हैं। अनियमितताओं के चलते तीन केंद्रों का पंजीकरण रद्द किया गया तथा पांच अल्ट्रासाउंड मशीनों को सील किया गया। उन्होंने बताया कि जिले जिले में 333 पंजीकृत एमटीपी केंद्र हैं, जिनमें से 217 का निरीक्षण किया गया है। वहीं जिले में 59 पंजीकृत एआरटी केंद्र संचालित हैं तथा 48 अपंजीकृत एआरटी केंद्रों को बंद कराया गया है।

उन्होंने बताया कि सहेली पहल के तहत एक से अधिक बेटियों वाली प्रत्येक गर्भवती महिला को आशा या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से जोड़ा गया है। वर्तमान में 1230 महिलाओं को सहेली नेटवर्क से जोड़ा गया है। बैठक में एसीपी सुशीला, पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. देवेंद्र, डिप्टी सीएमओ डॉ. प्रदीप, आरएमओ डॉ. हरीश, डीसीओ-2 सुरेश, डीसीओ-3 मुकेश, एनसीडीपीओ अनुपमा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

Gurugram News
Gurugram News: गुरुग्राम में कन्या भ्रूण हत्या रोकने व निगरानी तंत्र मजबूत करने को लेकर बैठक लेते उत्तम सिंह।  

About The Author

Related Posts