Farmers Protests: राहुल गांधी के खिलाफ फूटा किसानों का गुस्सा! फूंका भूपेंद्र सिंह हुड्डा का पुतला
तीन कृषि कानूनों की वापसी का श्रेय कांग्रेस नेता राहुल गांधी को दिए जाने का मामला
Farmers Protests: सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। तीन कृषि कानूनों की वापसी का श्रेय कांग्रेस नेता राहुल गांधी को दिए जाने के बयान पर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। भारतीय किसान एकता (बीकेई) के बैनर तले सोमवार को किसानों ने लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा का पुतला फूंका। Sirsa News
किसानों ने आरोप लगाया कि इस तरह के बयान किसान आंदोलन और उसमें शहीद हुए किसानों के संघर्ष का अपमान हैं। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बीकेई अध्यक्ष लखविंद्र सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ देशभर के किसानों ने ऐतिहासिक आंदोलन किया था। किसान 378 दिनों तक दिल्ली की सीमाओं पर डटे रहे। इस दौरान हजारों किसानों पर मुकदमे दर्ज किए गए और करीब 750 किसानों ने आंदोलन के दौरान अपनी शहादत दी।
उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी जैसी घटनाओं में किसानों ने अपने साथियों को खोया, लेकिन इसके बावजूद आंदोलन जारी रखा गया। किसानों के लंबे संघर्ष और देशभर में बने जनदबाव के बाद ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर देश से माफी मांगते हुए तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की थी। किसान नेताओं ने कहा कि अब कांग्रेस नेताओं द्वारा यह दावा करना कि कृषि कानून राहुल गांधी के कारण वापस हुए, पूरी तरह गलत और भ्रामक है।
उन्होंने कहा कि यह बयान किसान आंदोलन को कमजोर करने और शहीद किसानों के संघर्ष को नजरअंदाज करने जैसा है। बीकेई नेताओं ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा से सार्वजनिक रूप से किसानों से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसान समाज अपने शहीद साथियों के अपमान को कभी स्वीकार नहीं करेगा। किसान नेताओं ने यह भी कहा कि किसान आज भी एमएसपी की कानूनी गारंटी, कर्ज मुक्ति और अन्य मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।
ऐसे में राजनीतिक दलों को किसानों के संघर्ष का श्रेय लेने की बजाय उनकी समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान अंग्रेज सिंह कोटली, गुरप्रीत संधू, गुरप्रीत जैलदार, जगतार बराड़, गुरजीत मान, नत्था सिंह झोरड़ रोही, विनोद मोड़ावाली, राजू सिंह, महावीर गुडियाखेड़ा, राकेश खारिया, गुरसेवक सिंह वीरूवाला, बलकार सिंह और शिरा सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। Sirsa News