Protests: गेहूं खरीद अवधि बढ़ाने की मांग को लेकर बंद रही अनाज मंडियां
व्यापारियों, किसानों और मजदूर संगठनों ने किया समर्थन, अग्रसेन चौक पर सांकेतिक चक्काजाम
Protests: हनुमानगढ़। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीद की अवधि बढ़ाने और मंडियों में पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध करवाने की मांग को लेकर शुक्रवार को हनुमानगढ़ जिले की सभी अनाज मंडियां बंद रहीं। मंडियां बंद रहने से कृषि जिंसों की बोली नहीं हुई और व्यापार पूरी तरह प्रभावित रहा। Hanumangarh News
मंडी बंद को व्यापारियों, किसानों तथा मजदूर संगठनों का समर्थन मिला। जिला मुख्यालय पर मजदूरों ने सीटू के बैनर तले श्रीगंगानगर मार्ग स्थित अग्रसेन चौक पर सांकेतिक चक्काजाम भी किया। प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री के नाम प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर मांगों से अवगत करवाया गया। इस मौके पर माकपा नेता रामेश्वर वर्मा ने कहा कि इस बार सरकार ने एमएसपी पर गेहूं खरीद की अवधि एक माह कम कर दी है, जबकि यही समय किसानों की फसल की अधिक खरीद का होता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अनाज मंडियों में पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा, जबकि गोदामों में बारदाना पड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि गेहूं खरीद का कोटा भी पिछले वर्ष की तुलना में 80 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे किसानों को प्रति बीघा 7 से 8 हजार रुपए तक का नुकसान उठाना पड़ सकता है। रामेश्वर वर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार की नीति किसानों से गेहूं खरीद कम करने की है, इसी कारण खरीद प्रक्रिया में कई तरह की बाधाएं लगाई जा रही हैं। Hanumangarh News
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के साथ हुए समझौते के तहत वहां का खाद्यान्न और खाद्य पदार्थ भारत में सस्ते बिकेंगे, क्योंकि अमेरिका में कृषि पर 37 से 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है, जबकि भारत में यह करीब 2.5 प्रतिशत है। ऐसे में भारतीय किसानों को नुकसान होगा। उन्होंने मांग की कि किसानों की पूरी गेहूं फसल की एमएसपी पर खरीद सुनिश्चित की जाए। साथ ही गेहूं खरीद की अंतिम तिथि 31 मई से बढ़ाकर 30 जून तक की जाए तथा खरीद लक्ष्य पिछले वर्ष से अधिक निर्धारित किया जाए।
साथ ही पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध करवाकर गेहूं की खरीद सुचारू करवाई जाए। मजदूर नेता बहादुर सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि केन्द्र और राज्य सरकार की किसान विरोधी नीतियों के कारण गेहूं की सुचारू खरीद नहीं हो पा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस मौके पर आत्मासिंह, सुरेन्द्र शर्मा, बीएस पेंटर सहित कई मजदूर-किसान प्रतिनिधि मौजूद रहे। Hanumangarh News