Haryana News: हरियाणा सरकार का ऐलान! करें ये काम, एक लाख पाएँ ईनाम!

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DIPR Haryana: सरसा (सच कहूँ/पवन कुमार)। आजादी की पहली लड़ाई 1857 की क्रांति में अपनी वीरता दिखाने वाले एवं शहीद हुए वीरों की याद में हरियाणा सरकार द्वारा अंबाला कैंट के नजदीक अंबाला-नई दिल्ली नेशनल हाईवे- 44 पर 22 एकड़ में शहीद स्मारक का निर्माण किया जाएगा। सूचना, जन संपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग (Department of Information, Public Relations) की ओर से इस शहीद स्मारक के लिए प्रतीक चिह्न (लोगो) तैयार करने के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित की गई हैं। प्रतीक चिह्न (लोगो) के चयन उपरांत प्रतिभागी को एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। Haryana News

सूचना, जन सम्पर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग हरियाणा तथा संवाद सोसायटी के अधिकारियों और कर्मचारियों को छोड़कर अन्य इच्छुक व्यक्ति अपनी प्रविष्टि एक अपे्रल 2025 को शाम पांच बजे तक एससीओ नं. 200-201, सेक्टर 17-सी, चंडीगढ़ में भेज सकते हैं। प्रतिभागी को अपनी प्रविष्टि व प्रतीक चिह्न अधिकारिक ई-मेल पर भी भेजनी होगी। जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी रामनाथ ने बताया कि प्रविष्टि 1857 की क्रांति की थीम पर ही आधारित होनी चाहिए। प्रतीक चिह्न में ग्राफिक एलिमेंट, आइकॉन, शेप, कलर, बैकग्राउंड, फॉट ले-आउट आदि रहने चाहिए। प्रतीक चिह्न ऐसा हो जो स्मारक की पहचान दर्शाता हो और प्रेरणादायक होना चाहिए। प्रतीक चिह्न क्लासिक, विंटेज व मॉडर्न किसी भी प्रकार का बनाया जा सकता है।

प्रतिभागी प्रतीक चिह्न के ऊपर कोई वाटरमार्क नहीं डालेंगे

प्रतीक चिह्न में मोनोग्राम, वर्ड माक्र्स, हिस्टोरिक्ल माक्र्स, एबस्ट्रेक्ट माक्र्स भी हो सकते हैं, किन्तु यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रतीक चिह्न सिंपल, मेमोरेबल, रिलेवेंट, टाइमलेस और वर्सेटाइल हो। जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि प्रतिभागी प्रतीक चिह्न के ऊपर कोई वाटरमार्क नहीं डालेंगे, यानि प्रतीक चिह्न के ऊपर कुछ नहीं लिखेंगे। कोई भी प्रतीक चिह्न कॉपीराइट नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रतीक चिह्न (लोगो) का साइज 12झ्झ्&15झ्झ् होना चाहिए। भेजे जाने वाले प्रतीक चिह्न का पूर्व में प्रकाशन व प्रदर्शन न हुआ हो।

प्रत्येक प्रतीक चिह्न जेपीजी-जेपीईजी फॉर्मेट में अपलोड किया जाए और साइज 10 एमबी से अधिक नहीं होना चाहिए। प्रविष्टि अथवा प्रतीक चिह्न में कोई भी व्यावसायिक सामग्री नहीं होनी चाहिए जो किसी भी उत्पाद या सेवा को बढ़ावा दे। जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि आवश्यकता पडऩे पर बिना पूर्व सूचना के प्रतीक चिह्न संबंधी पुरस्कार में परिवर्तन और नियमों/अधिनियमों में संशोधन करने का अधिकार सुरक्षित रहेगा। प्रतीक चिह्न का चयन कमेटी द्वारा किया जाएगा और कमेटी का निर्णय अंतिम होगा। Haryana News

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