राजनीति: पंजाब के बाद हरियाणा में कांग्रेस की अंदरूनी कलह शिखर पर

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पार्टी पर पकड़ कमजोर न हो इसलिए भाजपा को मजबूत कर रहे हैं हुड्डा: सैलजा गुट

  • सभी विधायक हुए थे भूपेंद्र सिंह हुड्डा के घर इकठ्ठा

चंडीगढ़ (अनिल कक्कड़)। पंजाब के साथ-साथ हरियाणा में अब कांग्रेस की आपसी कलह शिखर पर है। पंजाब में कैप्टन अमरेंद्र और नवजोत सिद्धू के बाद अब हरियाणा में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा बनाम पार्टी अध्यक्षा कुमारी शैलजा की लड़ाई अब खुलकर सामने आ गई है। (Politics) कुमारी शैलजा को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने की मांग को लेकर हुड्डा समर्थक विधायकों ने सोमवार को संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल से दिल्ली में फिर से मुलाकात की।

कांग्रेस नेतृत्व पंजाब में कैप्टन बनाम सिद्धू विवाद में उलझा हुआ ही है कि हरियाणा में अलग मुश्किल खड़ी हो गई। हुड्डा समर्थक विधायकों ने कुमारी शैलजा के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। सोमवार को दिल्ली में पहले तो 21 हुड्डा समर्थक विधायकों ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ बैठक की फिर इनमें से पांच विधायकों का प्रतिनिधिमंडल कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल से जा कर मिला।

अभी 4 दिनों पहले ही इनमें से 19 विधायकों ने हरियाणा प्रभारी विवेक बंसल से मुलाकात करके कुमारी शैलजा को हटा भूपेंद्र सिंह हुड्डा को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग की थी। आज भी इन विधायकों ने शैलजा को हटा हुड्डा को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की मांग की। साथ ही ये मांग भी की कि राज्य में संगठन के फेरबदल में विधायकों की भी सुनी जाए। वहीं सैलजा गुट का मानना है कि संगठन में अपनी पकड़ कमजोर न हो इसलिए साथी विधायकों से जान बूूझकर ये सब करवा रहे हैं भूपेंद्र सिंह हुड्डा।

सोनिया की भरोसेमंद कुमारी सैलजा ने की राहुल गांधी से मुलाकात | Politics

प्रदेश में भूपेंद्र हुड्डा और कुमारी शैलजा की लड़ाई कोई नई बात नहीं है। हुड्डा बड़े जाट नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हैं तो कुमारी शैलजा पार्टी की बड़ी दलित नेता, पूर्व केन्द्रीय मंत्री और सोनिया गांधी की भरोसेमंद मानी जाती हैं। कुमारी सैलजा शनिवार को दिल्ली में वेणुगोपाल और हरियाणा कांग्रेस प्रभारी विवेक बंसल से मिली थीं। वहीं उन्होंने रविवार को सुबह कांग्रेस राहुल गांधी से भी मुलाकात की थी।

कुमारी शैलजा के करीबी सूत्रों का कहना है कि हुड्डा अपने करीबी विधायकों से जानबूझ कर ये सब करवा कर बीजेपी का हाथ मजबूत कर रहे हैं, और ऐसा इसलिए क्योंकि राज्य में संगठन में परिवर्तन होने हैं और हुड्डा को डर है कि कहीं पार्टी पर से उनकी पकड़ ना कमजोर पड़ जाए। कुमारी शैलजा के करीबी सूत्रों का कहना है कि ये भी नहीं भूलना चाहिए कि हुड्डा उसी जी23 समूह का हिस्सा हैं, जिन्होंने बागी तेवर अपनाए हुए हैं।

 

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