शिक्षा और रोजगार
विदेश बैठे गैंगस्टरों को व्यापारियों के नंबर भेजने वाले 2 शातिर गुर्गे भिवानी और दादरी से गिरफ्तार
भिवानी पुलिस ने विदेश में बैठे गैंगस्टरों का लोकल नेटवर्क किया ध्वस्त
भिवानी (सच कहूँ/इंद्रवेश)। Bhiwani News: भिवानी के पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार के निदेर्शों पर कार्रवाई करते हुए भिवानी सीआईए स्टाफ-2 की टीम ने क्षेत्र में दहशत फैलाने वाले एक संगठित आपराधिक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर व्यापारियों से रंगदारी मांगने और विदेशी गैंगस्टरों को उनकी जानकारी मुहैया कराने के बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भिवानी के गांव लेघा भानान निवासी प्रीतम उर्फ कालिया और गांव गौरीपुर निवासी अमित के रूप में हुई है। प्राथमिक पूछताछ में खुलासा हुआ है कि ये आरोपी स्थानीय व्यापारियों की रेकी करके उनके मोबाइल नंबर विदेश में बैठे भगोड़े अपराधियों तक पहुंचाते थे, जिसके बाद व्यापारी वर्ग को धमकियां देकर फिरौती की मांग की जाती थी। यह जानकारी भिवानी के डीएसपी क्राईम अनुप कुमार ने वीरवार को भिवानी में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी।
डीएसपी अनुप कुमार ने बताया कि पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार द्वारा जिले में संगठित गिरोहों का सफाया करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई अमल में लाई गई। उन्होंने बताया कि पहली गिरफ्तारी 12 अगस्त को हुई, एएसआई सुभाष की अगुवाई में सीआईए-2 की टीम दिनोद गेट चौक पर गश्त पर थी। गुप्त सूचना के आधार पर उमरावत बाईपास रोड पुल के पास दबिश देकर प्रीतम उर्फ कालिया को रंगे हाथों काबू किया गया। वही दूसरी गिरफ्तारी वीरवार को हुई, जहां प्रीतम से मिली कडि?ों को जोड़ते हुए पुलिस टीम ने चरखी दादरी के बतर खेड़ी में छापेमारी कर दूसरे आरोपी अमित को भी दबोच लिया।
उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ में गिरोह के काम करने के तरीके का सनसनीखेज खुलासा हुआ। उन्होंने बताया कि आरोपी प्रीतम उर्फ कालिया करीब 5 महीने पहले ही जेल से बाहर आया था। इसका काम व्यापारियों पर नजर रखना और विदेशी अपराधियों के कहने पर रंगदारी न देने वाले व्यापारियों पर फायरिंग व डराने-धमकाने जैसी वारदातों को अंजाम देने का ताना-बाना बुनना था।
