किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी से पहले परिजनो को सूचना देनी अनिवार्य: मोनिका

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जींद (सच कहूँ न्यूज)। Jind News: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश यशवीर सिंह राठौर की अध्यक्षता में स्थानीय वैकल्पिक विवाद समाधान केन्द्र के सभागार में प्राधिकरण के पैनल अधिवक्ताओं,. पुलिस जांच अधिकारियों और लीगल एड डिफेंस काउंसिल जीन्द के सभी सदस्यों के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में यशवीर सिहं अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने उपस्थित जनों को मोटर वाहन संशोधन अधिनियम और मोटर वाहन संशोधन नियम 2022 के तफ्तीश के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां एवं अधिनियम के तहत जारी हिदायत को लेकर विस्तार से जानकारी दी। Jind News

इस अवसर पर कार्यशाला में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मोनिका ने उपस्थित जनों को बताया कि संविधान के अनुसार निर्धन व समाज के कमजोर वर्गों के लिए प्राधिकरण द्वारा निशुल्क कानूनी सहायता की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप अरेस्टिंग और प्री-अरेस्ट के दौरान व्यक्तियों की सूचना उनके परिजनों और लीगल एड डिफेंस काउंसिल को देने की आवश्यकता को रेखांकित किया। Jind News

उन्होंने कहा कि यह कार्य उस व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है ताकि न्याय की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने न आए। उन्होंने बताया कि इस गाइडलाइन, को पूरी तरह से अमल में लाने के लिए एक टीम भी बनाई गई है, जिसमें लीगल एड डिफेंस काउंसिल के सदस्य भी शामिल है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना अति आवश्यक है कि हर थाना क्षेत्र में न केवल सही प्रक्रिया अपनाई जाए बल्कि संबंधित व्यक्तियों को उचित तरीके से सहायता भी सुनिश्चित की जाए। Jind News

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