जाखल के लाल का वैश्विक स्तर पर कमाल: 13 वर्षीय विराट इंद्र का कनाडा की राष्ट्रीय अंडर-17 क्रिकेट टीम में चयन, भीषण गर्मी में बहाया था पसीना
"प्रतिभा और लगन के आगे बौनी साबित हुई उम्र; 13 साल के विराट ने 17 वर्ष तक के सीनियर खिलाड़ियों के बीच बनाई जगह"
जाखल (सच कहूँ/तरसेम सिंह)। Jakhal News: जाखल नगर के लिए यह सचमुच बेहद गर्व, हर्ष और ऐतिहासिक क्षण है। हमारे जाखल निवासी और सेवानिवृत्त प्रिंसिपल आचार्य अश्वनी कुमार शर्मा के पौत्र, मात्र 13 वर्षीय विराट इंद्र का चयन कनाडा की राष्ट्रीय अंडर-17 क्रिकेट टीम में हुआ है। विराट वर्तमान में कनाडा के सेसकाटून (Saskatoon) शहर में अपने पिता सुरेश इंद्र के साथ रहते हैं। विशेष और अनोखी बात यह है कि इस उच्च आयु वर्ग की राष्ट्रीय टीम में चयनित होने वाले विराट सबसे कम उम्र के खिलाड़ी हैं।
45 डिग्री की भीषण गर्मी में तपी प्रतिभा
एक 13 साल के बच्चे का 17 वर्ष तक के सीनियर खिलाड़ियों के बीच अपनी जगह बनाना कोई साधारण उपलब्धि नहीं है। यह उसकी कड़ी मेहनत, कड़े अनुशासन, अटूट लगन और क्रिकेट के प्रति उसके गहरे समर्पण का ही सीधा परिणाम है। कनाडा के ठंडे वातावरण में रहने के बावजूद विराट विशेष रूप से भारत आया और यहाँ अप्रैल, मई और जून की 45 डिग्री वाली झुलसाने वाली भीषण गर्मी, तेज धूप और लू की परवाह किए बिना लगातार तीन महीने पसीना बहाया। उसने 'दिनेश मोंगिया क्रिकेट अकादमी' में कोचों की देखरेख में दिन-रात कड़ी ट्रेनिंग कर अपनी तकनीक और खेल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निखारा। इस कठिन अभ्यास के बाद वह कनाडा वापस लौटा, राष्ट्रीय ट्रायल्स में भाग लिया और अपनी असाधारण प्रतिभा के दम पर अंडर-17 टीम में अपनी जगह पक्की की।
पूरे जाखल नगर का नाम है साथ
आज विराट मैदान में केवल अपने लिए नहीं उतर रहा। उसके साथ उसके माता-पिता का नाम है, उसके पूजनीय दादा-दादी का आशीर्वाद है और सबसे बढ़कर—हमारे जाखल नगर का नाम और उसकी साख है। जाखल के इस होनहार लाल की इस असाधारण उपलब्धि पर पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है और नगरवासी परिवार को बधाइयां दे रहे हैं। पूरा जाखल नगर आज अपने इस लाडले बेटे को दुआएं देते हुए कह रहा है— "विराट इंद्र, हमें तुम पर गर्व है। तुम खूब खेलो, आगे बढ़ो और एक दिन क्रिकेट की दुनिया में अपना तथा जाखल का नाम और ऊंचा करो।"
विराट इंद्र की यह उपलब्धि सचमुच में केवल एक परिवार का प्राउड मोमेंट नहीं, पूरे जाखल के लिए गर्व का क्षण है। होनहार विराट इंद्र को हार्दिक बधाई और उज्ज्वल भविष्य के लिए ढेरों शुभकामनाएं।
"विराट में अंतरराष्ट्रीय स्तर का जज़्बा है"
विराट के भीतर क्रिकेट को लेकर जो जुनून है, वह इस उम्र के बच्चों में कम ही देखने को मिलता है। जब वह कनाडा से यहाँ आया, तो उसने अप्रैल-जून की 45 डिग्री वाली तपती गर्मी में भी एक दिन की छुट्टी नहीं ली। उसका अनुशासन और कड़ा अभ्यास ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। मुझे पूरा विश्वास है कि वह अंडर-17 राष्ट्रीय टीम में बेहतरीन प्रदर्शन कर न सिर्फ कनाडा में बल्कि पूरे विश्व में जाखल और अपने परिवार का नाम रोशन करेगा।"
— दिनेश मोंगिया (पूर्व भारतीय क्रिकेटर एवं मुख्य कोच)
