योजना के तहत लगे सोलर वाटर पंप बेचने वालों से वसूली जाएगी सब्सिडी

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फिजीकल वैरिफिकेशन के आदेश

रेवाड़ी (सच कहूँ न्यूज)। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग की योजना के तहत 75 प्रतिशत अनुदान पर लगाए गए सोलर वाटर पंपों की अब भौतिक जांच की जाएगी। जांच में यदि पंप किसी दूसरे व्यक्ति के नाम मिला या निर्धारित स्थान से दूसरी जगह शिफ्ट किया गया तो योजना के तहत पंप लगवाने वाले किसानों से विभाग सब्सिडी की राशि वापस वसूलेगा। वित्त वर्ष 2020-21 में विभाग ने जिले में 1403 किसानों को सोलर पंपों पर 75 प्रतिशत अनुदान दिया था। जिनकी भौतिक (फिजिकल) के आदेश एडीसी ने अधिकारियों को दे दिए हैं, ताकि अनुदान पर लगे सोलर पंपों की हकीकत जानने के बाद अगला कदम उठाया जा सके।

ये है योजना

नवीन एवं नवीकरणीय योजना के तहत किसानों को सोलर वाटर पंप लगवाने पर 75 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। जिसका उद्देश्य किसानों को बिजली व डीजल पर होने वाले खर्च से छुटकारा दिलवाने के साथ सौर ऊर्जा का प्रयोग बढ़ाना है। इसी योजना के तहत जिले में वित्त वर्ष 2020-21 के तहत 1403 किसानों को सोलर पंप लगवाए थे। नियमों के अनुसार सब्सिडी पर पंप लगवाने वाले किसान ना तो इसे किसी दूसरे किसानों को बेच सकते और ना ही किसी दूसरी जगह पर शिफ्ट कर सकते।

अधिकारियों को दिए निर्देश

एडीसी आशिमा सांगवान ने कहा कि विभाग को कुछ किसानों द्वारा सब्सिडी के तहत लगे सोलर पंप किसी दूसरे व्यक्ति को बेचने या किसी दूसरी जगह शिफ्ट करने की शिकायत मिली है। जिनकी हकीकत जानने के लिए अधिकारियों को योजना के तहत लगे सोलर पंपों की भौतिक (फिजिकल) जांच के आदेश दिए गए हैं। यदि जांच में ऐसा पाया गया तो किसानों से सब्सिडी की रकम वापस ली जाएगी।

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