Illegal construction demolished: अवैध निर्माण पर एक्शन, पर्ल की जमीन पर बने 3 शोरुम किये ध्वस्त

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Illegal construction demolished: बठिंडा में नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच की कार्रवाही

बठिंडा (सच कहूँ/सुखजीत मान)। आज शहर के घोड़ेवाला चौक के पास 100 फीट रोड पर स्थित पर्ल्स ग्रुप की बेशकीमती जमीन पर कथित फर्जी रजिस्ट्री करवाकर पूर्व सरकार के दौरान बनाए गए तीन शोरुमों को शनिवार को नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच टीम ने जेसीबी मशीनों की मदद से ध्वस्त कर दिया। डिप्टी कमिश्नर शौकत अहमद परे के आदेशों पर एमटीपी सुरिंदर सिंह बिंदरा की अगुआई में पुलिस प्रशासन की मदद से अवैध तरीके से बने उक्त शोरुमों को तोड़कर उस पर निगम ने अपना कब्जा कर लिया है। Bathinda News

हालांकि, निगम की इस कार्रवाई का विरोध करने के लिए किसान नेता और शोरुम मालिक मौके पर पहंचे थे, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें बताया कि उक्त कार्रवाई अदालत के आदेशों पर की जा रही है और उक्त जमीन सरकार की है। जिसके बाद पुलिस प्रशासन की मदद से उन्हें वहां से हटा दिया गया। वहीं दूसरी तरफ डीसी के आदेशों पर थाना सिविल लाइन पुलिस ने इस जमीन को बेचने वाले दो सगे भाइयों समेत चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है, जिसमें तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि एक की गिरफ्तारी होनी बाकी है। जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयास कर रही है।

गौरतलब है कि जिस जमीन पर शोरुम बनाएं गए थे, वह जमीन पर्ल कंपनी की थी, जिस पर पूर्व कांग्रेस सरकार के समय राजनीतिक संरक्षण रखने वाले कुछ प्रभावशाली लोगों ने माल विभाग के कुछ अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर उक्त जमीन के गलत दस्तावेज के आधार पर रजिस्टरी करवा ली। साथ ही बाद में निगम अधिकारियों के साथ मिलकर बिना सीएलयू और नक्शा पास करवाएं उक्त जमीन पर तीन शोरुम बनाकर उन्हें आगे बेच दिया था। जिसकी शिकायत भी की गई थी, लेकिन मामला को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया, लेकिन अब मुख्यमंत्री पंजाब के आदेशों पर प्रदेश भर में स्थित पर्ल कंपनी की सभी जमीनों को कब्जा मुक्त करने के लिए शुरु किए गए अभियान के तहत बठिंडा में यह कार्रवाई की गई है।

डिप्टी कमिश्नर शौकत अहमद परे ने भी इसकी पुष्टि की और कहा कि ‘प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस में यह मामला दर्ज किया गया है और जमीन पर अपना कब्जा लेने के लिए दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया है और अगर जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति व अधिकारी की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।उधर, पर्ल्स ग्रुप के खिलाफ मामला सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने वाली संस्था इंसाफ की आवाज संस्था के मालवा जोन के अध्यक्ष जग्गा सिंह ने डीसी से मांग की है कि अन्य लोगों और राजस्व विभाग की भूमिका की भी जांच की जाए। Bathinda News

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