शिक्षा और रोजगार
Body Donation: ब्लॉक सादिक की सचखंडवासी माता जसवीर कौर इन्सां पार्थिव देह के साथ साथ आंखें भी कर गईं दान
गांव चक्क साहू की दूसरी व 22वीं शरीरदानी बनीं जसवीर कौर इन्सांं
सादिक, (सच कहूँ/हरदीप सादिक)। मानवता की भलाई और मेडिकल शोध को समर्पित डेरा सच्चा सौदा की ओर से चलाई जा रही शरीरदान मुहिम के तहत गाँव चक्क साहू निवासी माता जसवीर कौर इन्सां पत्नी बलदेव सिंह इन्सां (85) के निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर मेडिकल रिसर्च के लिए दान किया गया। माता जसवीर कौर इन्सां का पार्थिव शरीर वर्ल्ड कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च, झज्जर (हरियाणा) में मेडिकल शोध और विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए भेजा गया। इसे गांव चक्क साहू से दूसरा और ब्लॉक सादिक से 22वां शरीरदान बताया गया है। इस मौके पर परिवार के सदस्यों, डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों और ग्रामीणों ने माता जसवीर कौर इन्सां के इस महान प्रयास को श्रद्धांजलि अर्पित की।
माता जसवीर कौर इन्सां के बेटे और पूर्व सरपंच जसदेव पाल सिंह इन्सां ने बताया कि उनका परिवार लंबे समय से डेरा सच्चा सौदा से जुड़ा हुआ है और माता जी ने अपने जीवनकाल में मानवता भलाई के कार्यों में भी सेवा की। उन्होंने बताया कि माता जी ने अपनी आंखें दान करने का संकल्प भी लिया हुआ था और परिवार की ओर से उनकी इच्छा के अनुसार यह सेवा निभाई गई।
इस मौके पर पूर्व सरपंच अवतार सिंह ने कहा कि मृत्यु के बाद शरीर मिट्टी में मिल जाता है, लेकिन यदि यह शरीर मेडिकल शोध के लिए दान किया जाए तो इसके माध्यम से भविष्य के डॉक्टरों और मेडिकल क्षेत्र में शोध करने वालों को बहुत कुछ सीखने का अवसर मिल सकता है। उन्होंने कहा कि यह मानवता की भलाई के लिए बेहद सराहनीय कदम है और हर व्यक्ति को ऐसे कार्यों में बढ़-चढ़कर योगदान देना चाहिए।
सच्चे नम्र सेवादार गुरसेवक सिंह इन्सां ने बताया कि मेडिकल शोध के लिए मानव शरीरों की जरूरत होती है, जिसके माध्यम से विभिन्न बीमारियों के संबंध में शोध किया जाता है। उन्होंने कहा कि माता जसवीर कौर इन्सां के परिवार की ओर से किया गया शरीरदान समाज और मेडिकल क्षेत्र की भलाई के लिए महत्वपूर्ण योगदान है। ब्लॉक प्रेमी सेवादार जसकरण सिंह इन्सां ने बताया कि माता जसवीर कौर इन्सां का पूरा परिवार कई दशकों से डेरा सच्चा सौदा से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि ब्लॉक सादिक से यह 22वां शरीरदान है, जबकि गाँव चक्क साहू से दूसरा शरीरदान किया गया है। उनके अनुसार ऐसे प्रयास मेडिकल क्षेत्र में नई खोजों और बीमारियों को समझने में सहायक साबित हो सकते हैं।
इस मौके पर परिवार के सदस्यों के अलावा डेरा सच्चा सौदा के सच्चे नम्र सेवादार एडवोकेट प्रेमी बसंत सिंह इन्सां, प्रेमी गुरसेवक सिंह इन्सां, प्रेमी लछमण सिंह इन्सां, प्रेमी लखविंदर सिंह इन्सां, ब्लॉक प्रेमी सेवादार जसकरण सिंह इन्सां और बड़ी संख्या में साध-संगत व ग्रामीण उपस्थित थे।
