Blood Donation Camp: अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने ली स्वैच्छिक रक्तदान की शपथ

प्रमुख शासन सचिव ने किया स्वास्थ्य भवन में रक्तदान शिविर का उद्घाटन

Published On

National Voluntary Blood Donation Day: जयपुर (सच कहूँ न्यूज़)। राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने गुरुवार को स्वास्थ्य भवन में आयोजित रक्तदान शिविर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य भवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने स्वैच्छिक रक्तदान की शपथ ली। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त अविचल चतुर्वेदी ने स्वयं रक्तदान कर अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रेरित किया।

प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि विकसित भारत-जनसेवा अभियान के शुभारम्भ के अवसर पर 17 सितम्बर को आयोजित रक्तदान शपथ कार्यक्रम में राजस्थान देशभर में प्रथम रहा। देशभर में रक्तदान की शपथ लेने वाले लोगों में राजस्थान की भागीदारी 50.4 प्रतिशत रही। उन्होंने कहा कि 17 सितम्बर से प्रदेशभर में लगातार रक्तदान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं और अब तक 30 हजार से अधिक यूनिट रक्त का संग्रह किया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि रक्तदान शिविरों के माध्यम से बड़ी मात्रा में रक्त संग्रहित हो रहा है। ऐसे में सभी स्तरों पर एक सुव्यवस्थित कार्ययोजना बनाकर रक्त का समय पर और आवश्यकता के अनुसार समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि संग्रहित रक्त की निर्धारित अवधि को ध्यान में रखते हुए जरूरतमंद मरीजों तक समय पर रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। राठौड़ ने स्वास्थ्य भवन में आयोजित गैर-संचारी रोग स्क्रीनिंग स्टॉल का भी अवलोकन किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी पूर्ण मनोयोग से अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं, इसलिए उनके स्वास्थ्य की नियमित जांच भी आवश्यक है।

उन्होंने निदेशालय स्तर पर प्रत्येक तीन माह में गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग के लिए शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। महिला कर्मचारियों के लिए आवश्यकता के अनुसार विशेषज्ञ चिकित्सकों के माध्यम से नियमित स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने तथा समय-समय पर मानसिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग एवं परामर्श सत्र आयोजित करने के भी निर्देश दिए।

निदेशक जन-स्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने कहा कि दुर्घटना पीड़ितों, थैलेसीमिया, कैंसर तथा अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को लगातार रक्त की आवश्यकता रहती है। रक्त का निर्माण किसी प्रयोगशाला में नहीं किया जा सकता, इसलिए स्वैच्छिक रक्तदान ही रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने आमजन से नियमित रूप से रक्तदान करने की अपील की।

कार्यक्रम में प्रबंध निदेशक आरएमएससीएल पुखराज सेन, अतिरिक्त मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. टी. शुभमंगला, मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजस्थान स्टेट एश्योरेंस एजेंसी हरजी लाल अटल, निदेशक एड्स डॉ. सुशील परमार, निदेशक आरसीएच डॉ. मधु रतेश्वर सहित स्वास्थ्य भवन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

Gayatri-Rathore-Blood-Donation

About The Author

Related Posts