School News: ‘निपुण रामलीला’ मंच के माध्यम से स्कूल के बच्चे सीखेंगे संचार कौशल
6 नवंबर तक चलेगा जिला स्तरीय आयोजन, जीतने वाली टीम को मिलेंगे 5 हजार तक पुरस्कार
School News: सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। अब प्राइमरी स्कूलों के बच्चे सिर्फ किताबों में रामलीला के पात्र नहीं पढ़ेंगे, बल्कि खुद पात्र बनकर मंच पर संवाद भी बोलेंगे। शिक्षा विभाग ने राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में निपुण रामलीला आयोजित करने के निर्देश जारी किए हैं। इसका उद्देश्य बच्चों को गतिविधि आधारित तरीके से भाषा से जोड़ना, उनका उच्चारण और शब्दावली बेहतर करना तथा संवाद के जरिए आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति क्षमता विकसित करना है। स्कूलों में 1 अक्टूबर से रिहर्सल शुरू होगी और जिला स्तर पर कार्यक्रम 6 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा।
पहले पात्र को समझेंगे, फिर निभाएंगे भूमिका
शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी दृश्य की शुरूआत से पहले बच्चों को उसमें शामिल पात्रों के बारे में जानकारी दें, ताकि वे अपनी भूमिका और संवाद का भाव समझकर प्रस्तुति दे सकें। पहली और दूसरी कक्षा के बच्चों को छोटे और आसान संवाद दिए जाएंगे। बच्चों के शुद्ध उच्चारण, आवाज के उतार-चढ़ाव और संवाद के भाव पर विशेष ध्यान रहेगा। जहां संवाद में तुकबंदी होगी, वहां लय के साथ बोलने का अभ्यास कराया जाएगा। हाथों की गतिविधियों और चेहरे के भावों के जरिए अभिनय को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया जाएगा।
रामलीला से बढ़ेगी हिंदी की शब्दावली
विभाग के अनुसार, गतिविधि के दौरान बच्चों की हिंदी शब्दावली और बोलने-सुनने की क्षमता विकसित करने के साथ दूसरों से संवाद करने की शालीनता पर भी काम किया जाएगा। बच्चों को अपने पात्र के साथ दूसरे पात्रों की भूमिका समझने, सवाल पूछने और उनके जवाब देने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। रामलीला में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं और मंच सामग्री के बारे में भी उन्हें जानकारी दी जाएगी। साथ ही प्रत्येक दृश्य का उद्देश्य पहले से समझाया जाएगा।
अभिनय के साथ सहयोग और व्यवहार भी सीखेंगे
निपुण रामलीला को बच्चों के व्यवहार कौशल से भी जोड़ा गया है। अभ्यास के दौरान उन्हें एक-दूसरे की मदद करने, सही भाषा का प्रयोग करने और साथी बच्चों के प्रति उचित व्यवहार रखने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इससे मंचीय प्रस्तुति के साथ बच्चों में सहयोग, संवाद और सामाजिक व्यवहार की समझ विकसित करने पर जोर रहेगा।
6 नवंबर तक जिला स्तर पर होगा आयोजन
स्कूल अपने स्तर पर 19 अक्टूबर तक किसी भी कार्यदिवस में रामलीला का आयोजन कर सकेंगे। इसके बाद क्लस्टर और खंड स्तर पर श्रेष्ठ प्रस्तुतियों का चयन किया जाएगा। 6 नवंबर तक अतिरिक्त उपायुक्त के नेतृत्व में जिला स्तरीय सामुदायिक निपुण रामलीला आयोजित की जाएगी। जिला स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीमों को प्रथम पुरस्कार 5 हजार, द्वितीय 3 हजार और तृतीय पुरस्कार 2 हजार रुपये दिए जाएंगे। आयोजन के लिए जिला स्तर पर 40 हजार रुपये का बजट भी रखा गया है। शिक्षकों को रामलीला के दृश्यों के 4 से 5 मिनट के वीडियो तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, जिन्हें सोशल मीडिया पर साझा किया जाएगा।
बच्चों को पात्र और संवाद पहले समझाए जाएंगे। अभिनय के साथ भाव-भंगिमा, लय, शब्दावली और आपसी सहयोग का भी अभ्यास कराया जाएगा। -डॉ. कपिल देव, जिला कोऑर्डिनेट, एफएलएन व निपुण सरसा।
निपुण रामलीला के जरिए बच्चों में भाषा, उच्चारण और संवाद कौशल विकसित करने पर जोर है। गतिविधि को रोचक बनाकर बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। - सुभाष कुमार फुटेला, जिला शिक्षा अधिकारी सरसा।