ठेकेदार द्वारा टैंडरों प्रति नहीं दिखाई गई रुचि

Sach Kahoon Desk Picture
Published On

दो करोड़ की राशि के बावजूद नहीं हो सके विकास कार्य

लुधियाना/रायकोट(राम गोपाल रायकोटी)। रायकोट शहर की मुख्य सड़को व गलियों की हालत दयनीय बनी हुई है। शहर के विकास कामों में लम्बे समय से रुकावट आई हुई है। कुछ समय पहले नगर कौंसिल विकास के कामों में आई रुकावट के संबंध में बुरी वित्तीय हालत का हवाला दिया जाता था परंतु पिछले छह माह से कौंसिल के पास विकास कामों के लिए दो करोड़ की राशि अनुदान राशि के तौर पर आई हुई है फिर भी शहर में किसी भी नए विकास काम को अब तक शुरू नहीं करवाया जा सका है। जिक्रयोग्य है कि पंजाब सरकार द्वारा शहर के विकास के लिए नगर कौंसिल रायकोट को आज से करीब छह माह पहले दो करोड़ रुपये की अनुदान राशि का चैक भेजा गया था, परंतु अब तक नगर कौंसिल इस दो करोड़ की रकम के साथ शहर में किसी भी विकास काम को शुरू नहीं करवा सकी है।

ठेकेदार द्वारा इन टैंडरों प्रति अपनी रुचि नहीं दिखाई

बेशक नगर कौंसिल द्वारा शहर के अलग-अलग विकास कामों के लिए कई बार अखबारों में विज्ञापन देकर कामों के लिए टैंडरों की मांंग की गई है, परंतु अब तक किसी भी ठेकेदार द्वारा इन टैंडरों प्रति अपनी रुचि नहीं दिखाई गई है, जिस कारण शहर के विकास काम पूरी तरह ठप्प हो चुके हैं। जब इस संबंधी एक ठेकेदार के साथ बात की गई तो उसने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सरकार ने टैंडर डालने के लिए नियम ही ऐसे बना दिए हैं कि कोई भी ठेकेदार काम के लिए आगे नहीं आ रहा। नियमों अनुसार एक काम के लिए तीन टैंडर डाले जाने जरूरी हैं। उस के अलावा काम लेने वाले ठेकेदार की कुल रकम का 30 प्रतिशत सरकार की तरफ से अपने के पास रिजर्व रखा जाता है, जिसकी अदायगी काम मुकम्मल होने के बाद भी आसानी के साथ नहीं होती है।

कई सालों से नगर कौंसिल की तरफ बकाया पड़े हैं ठेकेदारों के लाखों रुपये

एक अन्य कारण नगर कौंसिल द्वारा किए जाने वाले कामों की अदायगी में देरी होना भी है। उन्होंने बताया कि अब तक ठेकेदारों द्वारा किए कामों के लाखों रु पये पिछले कई सालों से नगर कौंसिल की तरफ बकाया पड़े हैं, जिनकी अदायगी नहीं की जा रही है, जिस कारण ठेकेदारों को काम चलाने काफी कठिन हो गए हैं। अगर विकास काम शुरू न हुए तो विकास कामों के लिए आई दो करोड़ की रकम वापिस भी जा सकती है।

इस संबंधी जब नगर कौंसिल के अध्यक्ष सलिल जैन से बात की गई तो उनका कहना था कि ठेकेदारों की 30 प्रतिशत रकम की अदायगी सरकारी नियमों कारण ही कौंसिल द्वारा रोकी जाती है, जो कि ठेकेदारों को काम मुकम्मल होने के बाद सारी कागजी कार्रवाई व किये कामों प्रति संतुष्टि के बाद ही की जाती है। विकास कामों में आई रुकावट संबधी उन्होंने कहा कि कामों के टैंडर डाले जा चुके हैं जो कुछ दिनों में खुल जाएंगे, जिस के बाद शहर के विकास काम शुरू हो जाएंगे।ठेकेदारों की रोकी गई अदायगी के संबंध में जब नगर कौंसिल के कार्य कारी अधिकारी बलवीर सिंह गिल के साथ बात की तो उनका कहना था कि अदायगी उन कुछ ठेकेदारों की रोकी गई है जिनके कामों के सम्बन्ध कोई आपत्ति जताई गई है, उन्होंने कहा कि ठेकेदार आपत्तियों का निपटारा कर दें, कौंसिल उनकी अदायगी साथ ही कर देगी।

Hindi News से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।

About The Author

Ad Ad

Related Posts