अब पंजाब बनेगा बिजली के खंभों से मुक्त गाँवों वाला पहला राज्य
सीएम मान ने गाँव सतौज से भूमिगत बिजली तारों के प्रॉजैक्ट का किया शुभारंभ
संगरूर (गुरप्रीत सिंह/नरेश कुमार)। Sangrur News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को अपने पैतृक गाँव सतौज में भूमिगत बिजली तारों के प्रॉजेक्ट का शिलान्यास कर पंजाब को बिजली के खंभों से मुक्त गाँवों वाला देश का पहला राज्य बनाने के लिए अपनी तरह की यह पहल शुरू करने का दावा किया है।
पायलट प्रॉजैक्ट के तहत सतौज से 384 बिजली के खंभे हटाए जाएंगे और सड़कों को खोदे बिना भूमिगत केबल बिछाई जाएंगी। प्रॉजैक्ट का शुभांरभ करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने पंजाब के किसानों के लिए तार-मुक्त गाँव बनाने के अपने वायदे को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि इस प्रॉजैक्ट से गाँवों में बिजली के खंभों को लगाने के इर्द-गिर्द होने वाली राजनीति भी खत्म होगी।
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि आज पंजाब के गाँवों के लिए एक ऐतिहासिक दिन है क्योंकि गाँवों को बिजली की तारों के जाल से मुक्त करने का यह एक बड़ा प्रॉजैक्ट है। इस पायलट प्रॉजैक्ट के तहत सतौज में सभी ओवरहेड बिजली लाइनों को लगभग 8 करोड़ रुपये की लागत से भूमिगत में बदल दिया जाएगा। मान ने कहा कि इस प्रॉजैक्ट के तहत 7 किलोमीटर हाई टेंशन लाइनों, 9.5 किलोमीटर लो टेंशन लाइनों और 41 किलोमीटर सर्विस केबल्स, जो 800 उपभोक्ताओं के घरों को जोड़ती हैं, भूमिगत की जाएंगी। उन्होंने बताया कि इस प्रॉजैक्ट की एक विशेष बात यह है कि भूमिगत केबल बिछाने के लिए सड़कों को खोदने की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि भूमिगत पाइप लगाने के लिए खाई रहित ड्रिलिंग मशीनों का उपयोग किया जाएगा।
बिजली से होते हादसों से मिलेगी राहत
सीएम मान ने कहा कि बिजली के खंभे और ऊपर से बहती तारें जानवरों और लोगों, खासकर बच्चों के लिए करंट लगने का खतरा पैदा करती हैं। हादसे अक्सर तब होते हैं जब ट्रैक्टर, कम्बाइन और अन्य वाहन तारों के संपर्क में आते हैं। इसी तरह फसलों में आग लगने की घटनाएं किसानों के लिए काफी नुकसान पहुंचाती हैं। बारिश, तूफान और तेज हवाएं खंभों और तारों को नुकसान पहुंचाती हैं, बिजली आपूर्ति में रुकावट पैदा करती हैं और बिजली बोर्ड को वित्तीय नुकसान पहुंचाती हैं।
उन्होंने कहा कि खंभों और तारों का नेटवर्क गाँवों की सुंदरता को भी प्रभावित करता है। हाई टेंशन और लो टेंशन लाइनों को भूमिगत करने से बिजली का लीकेज भी खत्म हो जाएगा। इस मौके पर उनके साथ बिजली मंत्री और वित्त मंत्री भी मौजूद थे।
