यूनिफॉर्म नहीं पहनने पर गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने 687 ऑटो-टैक्सी चालकों के काटे चालान
ऑटो-टैक्सी चालकों पर ट्रैफिक पुलिस का शिकंजा, बिना वर्दी चलाने पर कटे चालान
गुरुग्राम (सच कहूँ न्यूज)। Gurugram Traffic Police: यातायात पुलिस गुरुग्राम ने यूनिफॉर्म नहीं पहनकर वाहन चलाने वाले ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है। 11 मई से 18 मई 2026 तक चले विशेष चालान अभियान में पुलिस ने कुल 687 चालकों के चालान काटे और पांच लाख 18 हजार 500 रुपये का जुमार्ना लगाया।
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर ऑटो, टैक्सी और ई-रिक्शा चालकों को यूनिफॉर्म पहनने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में चालक बिना ग्रे रंग की निर्धारित वर्दी के वाहन चलाते पाए गए। नियमों की अनदेखी करने पर यातायात पुलिस ने मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए मौके पर ही चालान किए।
यातायात पुलिस गुरुग्राम ने बताया कि 11 मई 2026 से 18 मई 2026 तक चले अभियान में कुल 687 यूनिफॉर्म के चालान किए गए। इन चालानों से कुल 5,18,500 रुपये की जुमार्ना राशि वसूली जाएगी। पुलिस का कहना है कि यूनिफॉर्म न केवल चालक की पहचान सुनिश्चित करती है, बल्कि यात्रियों में सुरक्षा का भाव भी पैदा करती है। बिना वर्दी के चालक अक्सर यात्रियों से बदसलूकी और मनमाना किराया वसूलने की शिकायतों में शामिल पाए जाते हैं। चालान अभियान के साथ-साथ ट्रैफिक पुलिस ऑटो-रिक्शा, ई-रिक्शा और टैक्सी चालकों को जागरूक भी कर रही है।
उन्हें यात्रियों से मधुर व्यवहार करने, वाहन निर्धारित गति सीमा में चलाने, ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल न करने और किसी भी प्रकार का नशा न करने की हिदायत दी जा रही है। साथ ही डायल-112 और ट्रैफिक हेल्पलाइन नंबर 1095 की जानकारी भी दी जा रही है, ताकि आपात स्थिति में मदद ली जा सके। यातायात पुलिस ने सभी आॅटो-रिक्शा, ई-रिक्शा और टैक्सी चालकों से अपील की है कि वे वाहन चलाते समय निर्धारित ग्रे रंग की वर्दी अवश्य पहनें। यूनिफॉर्म आपकी प्रोफेशनल पहचान है। इसे पहनकर चलने से न केवल चालान से बचेंगे, बल्कि यात्रियों का भरोसा भी जीतेंगे।
गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने साफ किया है कि यूनिफॉर्म, लाइसेंस, परमिट और अन्य दस्तावेजों की जांच के लिए इस तरह के विशेष अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे। और किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत 112 या 1095 पर शिकायत दर्ज कराएं।
About The Author