Road Safety Scheme: घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले को मिलेंगे पूरे 25,000, जानें क्या है यह योजना?

'राह-वीर योजना' से सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में मिलेगी मदद: नितिन गडकरी

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Road Safety Scheme: नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के सराय काले खान से जैतपुर तक बने 9 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड खंड का निरीक्षण किया। इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, मंत्री प्रवेश वर्मा समेत कई अन्य नेता भी उपस्थित रहे।

यह महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजना दिल्ली और मुंबई के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के उद्देश्य से तैयार की जा रही है। इसके पूरा होने के बाद दोनों महानगरों के बीच यात्रा का समय काफी कम होने की उम्मीद है। निरीक्षण के दौरान मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि यह एक सुनियोजित परियोजना है और इसी सोच के तहत इसे लागू किया गया है।

उन्होंने कहा कि कालिंदी कुंज दिल्ली के सबसे अधिक ट्रैफिक दबाव वाले इलाकों में से एक है और सरकार इसे सिग्नल-फ्री बनाने की दिशा में काम कर रही है। गडकरी ने कहा कि ट्रैफिक समस्याएं लगातार बदलती रहती हैं और यह दावा करना संभव नहीं कि हर समस्या का पूरी तरह समाधान हो जाएगा। हालांकि, सरकार का इरादा साफ है और वह हर स्तर पर समस्याओं को कम करने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली की बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या को नियंत्रित करना आसान नहीं है, लेकिन लॉन्ग टर्म प्लानिंग के जरिए ट्रैफिक दबाव को कम किया जाएगा और लोगों को सस्टेनेबल डेवलपमेंट के साथ बेहतर राहत देने की कोशिश की जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सरकार की 'राह-वीर योजना' का भी जिक्र किया।

उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाता है, तो सरकार की ओर से उसे 25 हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अलावा, दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को किसी भी अस्पताल में भर्ती कराने पर सरकार अधिकतम 1.5 लाख रुपए तक का खर्च आठ दिनों के इलाज के लिए अस्पताल को तुरंत उपलब्ध कराएगी। इसका उद्देश्य हादसे में घायल लोगों की जान बचाना है।

नितिन गडकरी ने कहा कि दिल्ली स्थित एम्स के डॉक्टरों की रिपोर्ट के अनुसार, यदि सड़क हादसे में घायल लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जाए तो हर साल करीब 50 हजार लोगों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने मीडिया और आम लोगों से भी अपील की कि सड़क सुरक्षा और घायल लोगों की मदद को लेकर जागरूकता फैलाने में सहयोग करें, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाई जा सके।

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