शिक्षा और रोजगार
बिजली संकट: महंगा डीजल फूंकर सिंचाई करने को मजबूर हुए किसान
सरकार के 8 घंटे बिजली देने के दावे खोखले साबित, किसानों को मिल रही सिर्फ 4-5 घंटे बिजली: चट्ठा
सुनाम ऊधम सिंह वाला (सच कहूँ/ कर्म थिंद)। Sunam Udham Singh Wala: पावरकॉम द्वारा क्षेत्र में लगातार लगाई जा रही लंबी बिजली कटौती के कारण जहां आम लोगों का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, वहीं जिले के किसानों को खेतों के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति न मिलने से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह बात भारतीय किसान यूनियन (एकता सिद्धूपुर) के जिला महासचिव रण सिंह चट्ठा ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।
किसान नेता रण सिंह चट्ठा ने पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों को प्रतिदिन 8 घंटे निर्बाध बिजली देने के सरकार के दावे पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं। हकीकत यह है कि पिछले कई सप्ताह से किसानों को केवल 4 से 5 घंटे ही बिजली मिल रही है, जो धान, मक्का और सब्जियों जैसी फसलों की सिंचाई के लिए बिल्कुल पर्याप्त नहीं है।
उन्होंने कहा कि बिजली संकट का असर केवल किसानों पर ही नहीं, बल्कि आम घरेलू उपभोक्ताओं और छोटे कारोबारियों पर भी पड़ रहा है। उन्होंने पंजाब सरकार और पावरकॉम प्रशासन से मांग की कि खेतों और घरों के लिए तत्काल प्रभाव से निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि फसलों को बचाया जा सके और लोगों को राहत मिल सके। चट्ठा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने जल्द इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं किया, तो भारतीय किसान यूनियन (एकता सिद्धूपुर) जिले में बड़े स्तर पर आंदोलन शुरु करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
इस अवसर पर मदन दास मेहला, दर्शन सिंह मेहला, देव सिंह खडियाल, भोला सिंह शाहपुर कलां, काला सिंह जवंधा, हरी सिंह चट्ठा, सुखविंदर पाल मेहला, सरबजीत सिंह शाहपुर कलां, सुरजीत सिंह शाहपुर कलां, दर्शन सिंह दुलट मेहला, भोला सिंह चट्ठा, करनैल सिंह महिला और जीत सिंह सहित अन्य किसान नेता उपस्थित रहे।
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