किसानों ने सब्जियां व दूध फैंककर जताया रोष

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पटियाला/नाभा (तरुण कुमार शर्मा)। किसानों की तरफ से शुरू की 10 दिवसीय की हड़ताल का प्रभाव आज रियासती शहर में भी देखने को मिला। किसानों की तरफ से जहां खुद शहर में आने वाली दूध, सब्जी की सप्लाई में रोक लगाई गई वहीं कई स्थानों पर चोरी छिपे मिल रही सप्लाई के कारण अपेक्षित वस्तुओं के मूल्यों में काफी विस्तार देखने को मिला। इसके साथ ही देश के अन्य शहरों में भी दूध व सब्जी को सड़कों पर बिखरने के वीडियो वायरल होने साथ आम जनता में किसानों की इस कार्रवाई के खिलाफ विरोध देखने को मिला।

इस मौके शहर निवासियों ने कहा कि किसान देश का अंनदाता है और सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ यदि किसान अपना विरोध जाहिर करना चाहते हैं तो यह उनका लोकतंत्रीय अधिकार है परंतु अनमोल रत्नों में से गिने जाते दूध व सब्जी को सड़कों पर बिखेरकर किसान क्या साबित करना चाहते हैं? उन्होंने कहा कि यदि किसान दूध या सब्जी को सड़कों पर बिखरने की बजाय गरीबों में बांट देते तो कुछ गरीब परिवारों का भला हो जाना था परंतु इन खाद्य वस्तुओं की खास कर किसानों की तरफ से अपमान किसी को भी हजम नहीं हो रही है।

उल्लेखनीय है कि किसानों की हड़ताल का आम जनता में विरोध हो रहा है व किसानों की तरफ से विरोध जाहिर करने के तरीको के कारण जनता का सहयोग नहीं मिल रहा है। दूसरी तरफ आज दूध व सब्जी की सप्लाई कम होने के कारण शहर निवासी व छोटे-छोटे बच्चों सहित अस्पतालों में भर्ती मरीज भी परेशान होते नजर आए। सोशल मीडिया पर देश के विभिन्न कोनों से वायरल हो रही वीडियो से स्पष्ट है कि आगामी दिनों में किसानों का संघर्ष व हड़ताल उग्र रूप धारण कर प्रशासन व सरकार के लिए चुनौती भी बन सकता है।

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