सरकार स्थायी हल के लिए करेगी पहल: निकाय मंत्री

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बिना नक्शे के बनी इमारतों पर सिद्धू का शिकंजा

 

  • नाजायज निर्माण को यकमुश्त छूट लाने की नीति अधीन लाने की योजना
  • नाजायज निर्माण के लिये जिम्मेवार अधिकारियों को छोड़ा नहीं जाएगा

चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। सरकार का मकसद किसी को भयभीत करना नहीं बल्कि उलझे मसलों का उचित हल ढूंढकर इनका निपटारा करना है। यही पहुंच ईमारतों के निर्माण नियमों की उल्लंघना के मामले में अपनाई जायेगी। यह शब्द मीडिया को नाजायज ईमारतों के निर्माण के मामले संबंधी बात करते हुए स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने कही।

मुख्यमंत्री नीति को पास करेंगे

सिद्धू ने कहा कि पंजाब सरकार नाजायज निर्माण के मामलों में यकमुश्त छूट लाने की नीति बना रही है जिस संबंधी शीघ्र ही कैबिनेट नोट लाकर मुख्यमंत्री के आगे स्वीकृति के लिये पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग ऐसी नीति तैयार कर रहा है जिससे किसी भी शहरी को कोई भय या डर न हो और वह इस नीति तहत एक अवसर अवश्य देगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस नीति में यह अवश्य देखा जायेगा कि कितना नाजायज निर्माण हुआ और यदि बड़ी अनियमिततांए सामने आती हैं तो कार्रवाई भी की जायेगी।

लुधियाना में सबसे ज्यादा मामले

स्थानीय निकाय मंत्री ने इससे पूर्व इस संबंधी विभाग के अधिकारियों से बैठक की। उन्होंने कहा कि इस मामले को विभाग में बहुत गंभीरता के साथ दे रहें हैं क्योंकि राज्यभर में से शहरों में नाजायज ईमारतों के निर्माण की शिकायतें आ रही हैं। उन्होंने कहा कि अकेले 5 बड़े शहरों लुधियाना, अमृतसर, जालंधर, पटियाला एवं बठिंडा में से 300 शिकायतें हैं और अकेले लुधियाना में 85 शिकायतें आयी है जहां रिहायशी एवं व्यापारिक ईमारतों का नाजायज निर्माण हुआ है।

कानून अनुसार होगी कार्रवाई

सिद्धू ने आगे कहा कि जिस अधिकारी के आधिकार क्षेत्र में नाजायज ईमारतों के निर्माण का मामला सामने आया उस विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जिसने शहरी तरफ से सांझी या सरकारी जगह पर नाजायज कब्जा कर कोई निर्माण किया तो उस विरूद्ध कानून अनुसार बनती कार्रवाई की जायेगी।

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