मोहाली ब्लास्ट मामलाः पाकिस्तान में बैठे आतंकी हरविंदर से जुड़े तार, पुलिस की हिरासत में 11 संदिग्ध

Published On

चंडीगढ़ (एम के शायना)। पंजाब पुलिस के खुफिया मुख्यालय पर सोमवार शाम को हुए हमले में फतेहगढ़, अंबाला और तरनतारन से 11 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं। इस मामले में पुलिस स्टेशन सोहाना में एफआईआर नंबर 236/22 दर्ज की गई है। पुलिस ने उस लांचर को भी बरामद कर लिया है, जिससे रॉकेट चलित ग्रेनेड (आरपीजी) को दागा गया था। लांचर चीन निर्मित बताया जा रहा है। मामले में मिली लीड के अनुसार सभी तथ्यों का सावधानीपूर्वक अन्वेषण किया जा रहा है। विस्फोटक के तौर पर ट्राइ नाइट्रो टाल्यून का इस्तेमाल हो सकता है।पंजाब के डीजीपी वीके भावरा ने यह जानकारी दी।

जांच में पुलिस के हाथ लगे कई अहम सुराग

पंजाब के मोहाली में पंजाब पुलिस के खुफिया विभाग मुख्यालय पर हुए हमले के तार पड़ोसी देश पाकिस्तान में बैठे आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा से जुड़ रहे हैं। पुलिस को जांच में इस संबंध में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। हालांकि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी इस मामले में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं लेकिन सूत्रों की माने तो रिंदा वहां से बैठकर ही अपना नेटवर्क चला रहा है। इससे पहले भी पंजाब में कई जगह हुए हमलों में उसकी भूमिका सामने आ चुकी है।

पुलिस को बड़ी लीड मिली : डीजीपी

डीजीपी ने कहा कि पुलिस को बड़ी लीड मिली हैं। जल्द ही पूरे केस को सॉल्व कर लिया जाएगा। वहीं इस मामले में संदिग्ध स्विफ्ट कार के बारे में बड़ी जानकारी मिली है। यह स्विफ्ट कार धमाके के बाद हरियाणा की तरफ गई है। वहां भी पुलिस ने रेड कर कुछ संदिग्ध हिरासत में लिए हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी की टीम भी मोहाली पहुंचकर जांच कर रही है।

फ़रीदकोट से हिरासत में लिया एक व्यक्ति

पंजाब के मोहाली में हुए हमले में पंजाब पुलिस ने एक निशान सिंह के व्यक्ति को हिरासत में लिया है। फ़रीदकोट के रहने वाले निशान सिंह पर हमलावरों की मदद करने का आरोप है। पंजाब पुलिस जल्द ही इस मामले की पूरी साज़िश का ख़ुलासा करने वाली है।

विभिन्न धाराओं के तहत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज

पंजाब पुलिस के डीजीपी वीके भावरा ने बताया कि आरपीजी में ट्रिनिट्रोटोल्यूइन (टीएनटी) विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था। इसका इस्तेमाल आमतौर पर श्रीनगर में आतंकी हमले के दौरान होता रहा है। डीजीपी ने दावा किया कि पुलिस को कई लीड मिली हैं, जिनके आधार पर जल्द ही इस केस को सुलझा दिया जाएगा। घटनास्थल पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और सेना की टीमें भी पहुंचीं। उधर, मोहाली पुलिस ने सोहाना थाने में विभिन्न धाराओं के तहत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

मोहाली ब्लास्ट के बाद ट्राइसिटी में चप्पे-चप्पे पर नजर

मोहाली के सेक्टर-77 स्थित पंजाब पुलिस के खुफिया मुख्यालय पर हुए हमले ने सेना से लेकर अन्य सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ाकर रख दी है। इसका कारण है कि घटना स्थल से मात्र सात किलोमीटर की दूरी में बीएसएफ का मुख्यालय से लेकर बुड़ैल सेंट्रल जेल व एनआईए का दफ्तर है। इसके अलावा बीच में एसएसपी दफ्तर, कई नामी अस्पताल व पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड भी स्थित हैं। ऐसे में इस हमले को गंभीरता से लिया जा रहा है।

आपको बता दे कि पुलिस इंटेलिजेंस के सूत्रों से बड़ी जानकारी सामने आई है। इस हमले के जरिए इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर की बिल्डिंग को उड़ाने की साजिश थी। निशाना चूक गया। विस्फोटक खिड़की के अंदर जाने के बजाय दीवार से टकरा गया। रक्षा विशेषज्ञ भी मान रहे हैं कि अगर विस्फोटक सीधे कमरे में जाता तो बड़ा नुकसान हो सकता था।

अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और TwitterInstagramLinkedIn , YouTube  पर फॉलो करें।

About The Author

Related Posts