चेतावनी पर भी नहीं जागा था प्रशासन

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  • पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू

Bathinda, Ashok Verma: भटिंडा में बुधवार को ईजीएस वोलंटियर समरजीत सिंह मानसा ने रोजगार के मामले से तंग आ कर आत्मदाह करने का प्रयास किया। शहीद किरनजीत कौर ईजीएस,एआईई-एसटीआर अध्यापक यूनियन पंजाब के आह्वान पर आज जब सरकार का पुतला जलाया जा रहा था तो यह नौजवान अपने उपर पेट्रोल का छिड़काव कर आग में कूद गया । मौके पर उपस्थित पुलिस कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पुलिस तत्काल तौर पर इस नौजवान को अपनी गाड़ी में इलाज के लिए सिविल अस्पताल लेकर गई। आग लगने के कारण उसके चेहरे पर गंभीर जख़्म हो गए । नौजवान की गंभीर हालत को देखते हुए उसे फरीदकोट मेडिकल कालेज रैफर कर दिया है।
02स्थिति का जायजा लेने के लिए सिविल अस्पताल में मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों की ओर से डाक्टरों के साथ की कथित बदसलूकी पर डाक्टर भड़क गए और गुरूवार को अस्पताल में हड़ताल रखने का ऐलान कर दिया है। इस मामले में सिविल प्रशासन की भूमिका भी कोई अच्छी नहीं रही है। एक सीनियर महिला अधिकारी तब अस्पताल आए जब समरजीत को रैफर कर दिया गया था। इस घटना के बाद अध्यापकों में रोष पाया जा रहा है। जिसे देखते हुए पुलिस ने चौकसी बढ़ा दी है। अध्यापकों ने दोष लगाया कि नौकरी रेगुलर करने के लिए वह बार-बार मुख्य मंत्री के पास पहुंच कर चुके हैं परन्तु कोई सुनवाई न होने के कारण वोलंटियर ने यह कदम उठाया है।

गौरतलब है कि समरजीत सिंह मानसा सहित तीन अध्यापक पिछले करीब डेढ़ माह से मांगें मनवाने के लिए भटिंडा में जल घर की टंकी पर चढ़े हुए हैं। इनकी की ओर से बार-बार चेतावनी दी जा रही थीं कि यदि उनकी मांग ना मानी गई तो वह आत्मदाह कर लेंगे। कुछ दिन पहले ईजीएस अध्यापक गगन अबोहर की ओर से सल्फास खाने से अध्यापकों का गुस्सा भड़का हुआ था। यूनियन ने रोष मार्च करके पंजाब सरकार का पुतला फूंकने का ऐलान किया था। इसी दौरान हनुमान चौंक के पास जब पुतले को आग लगाई तो समरजीत आग में कूद गया। इस मौके उपस्थित थाना कनाल कॉलोनी के इंचार्ज रजेश कुमार समरजीत को गाड़ी में अस्पताल लेकर गए।

एसएसपी ने जाना कुशलक्षेम :
अस्पताल में एसएसपी स्वपन शर्मा भी पहुंचे और समरजीत का कुशलक्षेम जाना।

उधर अध्यापक नेताओं गगन अबोहर, सुखचैन सिंह मानसा आदि ने इस कांड के लिए पंजाब सरकार को जिम्मेवार करार दिया है। उन्होंने कहा कि लगता है सरकार अब उनसे बलि मांगने के रास्ते पड़ गई है। इस मामले सम्बन्धित पक्ष जानने के लिए संपर्क करने पर एसएसपी शर्मा और सिविल सर्जन भटिंडा डॉ.रघबीर सिंह रंधावा ने फोन नहीं उठाया। डाक्टरों की यूनियन के नेता डॉ.गुरमेल सिंह ने मरीजों में व्यस्त होने का कहकर कुछ देर बाद बात करने बारे कहा,परन्तु बाद में उन्होंने फोन बंद कर दिया।

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