परविन्द्र झोटा हत्याकांड: इलाज करा रहे घायलों का हाल जानने पहुंचे विधायक सिंगला का विरोध
परविन्द्र झोटा हत्याकांड: इलाज करा रहे घायलों का हाल जानने पहुंचे विधायक सिंगला का विरोध
मानसा (सच कहूँ/सुखजीत मान)। Mansa News: एंटी ड्रग टास्क फोर्स के युवा परविन्द्र सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या किए जाने के दौरान मौके पर मौजूद कुछ अन्य लोग भी घायल हो गए थे। इनमें से कुछ लोग मानसा के सिविल अस्पताल में भर्ती हैं। आज उनका हाल जानने पहुंचे मानसा के विधायक डॉ. विजय सिंगला को लोगों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। सिंगला घायलों से मिलकर अस्पताल से बाहर तो निकल आए, लेकिन जैसे ही इसकी भनक अस्पताल की मोर्चरी के पास इकट्ठा होकर बैठे प्रदर्शनकारियों को लगी, उन्होंने विधायक की गाड़ी का घेराव कर लिया।
टकराव के माहौल में विधायक को सुरक्षित बाहर निकालना पुलिस के लिए चुनौती बन गया। धरने पर बैठे लोग गाड़ी के आगे आकर सिंगला से सवाल करने लगे और जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खींचकर रास्ता बनाया और विधायक को अस्पताल से बाहर ले गई। जानकारी के अनुसार, 13 अक्तूबर को मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार ने नशे की बिक्री का विरोध करने वाले परविन्द्र सिंह झोटा पर गोलियाँ चलाकर उसकी हत्या कर दी थी। इस दौरान मौके पर मौजूद कुछ राहगीर भी गोलियां लगने से घायल हो गए थे। इनमें से दो घायल मानसा के सिविल अस्पताल में उपचाराधीन हैं। शनिवार को मानसा के विधायक डॉ. विजय सिंगला घायलों का हालचाल जानने के लिए सिविल अस्पताल पहुंचे।
तनावपूर्ण माहौल के बीच पुलिस ने बड़ी मुश्किल से सिंगला को सुरक्षित बाहर निकाला। मौके पर मौजूद परविन्द्र सिंह झोटा की एंटी ड्रग टास्क फोर्स के सदस्यों ने कहा कि विधायक सिविल अस्पताल में घायलों का हाल जानने नहीं, बल्कि संघर्ष कर रहे लोगों के जख्मों पर नमक छिड़कने आए हैं। उन्होंने कहा कि यदि विधायक सहित पूरे प्रशासन ने नशे के खिलाफ संघर्ष कर रहे परविन्द्र सिंह झोटा की आवाज पहले ही सुन ली होती और सख्त कार्रवाई की होती, तो आज यह दिन नहीं देखना पड़ता। उन्होंने विधायक पर अश्वनी कुमार के साथ संबंध होने के आरोप भी लगाए।
आरोपी अश्वनी कुमार से मेरा कोई संबंध नहीं: विधायक
पत्रकारों ने जब विधायक डॉ. विजय सिंगला से मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार के साथ उनके संबंधों को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने कहा कि वह पिछले साढ़े चार साल से विधायक के रूप में हलके में काम कर रहे हैं, लेकिन उनका कभी भी अश्वनी कुमार से कोई संबंध नहीं रहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह कभी अश्वनी कुमार से मिले तक नहीं हैं और न ही कभी उनसे कोई बातचीत हुई है।
5वें दिन भी धरना जारी
नशे के कहर से पंजाब की जवानी को बचाने के प्रयासों में जुटे परविन्द्र सिंह झोटा की हत्या के मामले में इंसाफ की मांग को लेकर धरना शनिवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। जानकारी के अनुसार, 13 अक्टूबर को मानसा शहर के अंदरूनी फाटकों के पास स्थित मेडिकल स्टोर के संचालक अश्वनी कुमार ने परविन्द्र सिंह झोटा पर उस समय गोलियाँ चला दी थीं, जब उसने मेडिकल स्टोर से नशीली दवाइयां खरीदकर निकल रहे एक व्यक्ति को देखकर अश्वनी कुमार को ऐसा न करने के लिए कहा था। इस हत्याकांड के दिन से ही सिरसा-बरनाला रोड पर ओवरब्रिज के पास स्थित तिकोणी पर इंसाफ की मांग को लेकर पक्का धरना लगाया गया है, जो आज पांचवें दिन भी जारी रहा। इंसाफ की मांग को लेकर बाकायदा एक कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी ने परिवार की राय के अनुसार मुख्यमंत्री और डीजीपी के इस्तीफे के अलावा हत्याकांड की साजिश की जांच सीबीआई से करवाने की प्रमुख मांग रखी है।