रेलवे क्रॉसिंग बंद होने से चंदड़ा के ग्रामीणों में आक्रोश
सी-61 फाटक बंद होने से 20 किलोमीटर तक बढ़ा सफर, अस्थायी रास्ते की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन
हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)। Hanumangarh: रेलवे क्रॉसिंग बंद होने से चंदड़ा गांव के ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शनिवार को रेलवे और प्रशासन के खिलाफ ग्रामीणों ने रेलवे फाटक व गांव के बस अड्डे पर धरना-प्रदर्शन कर अस्थायी रास्ते की व्यवस्था करने की मांग उठाई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि मांग पर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज करते हुए रेल ट्रैक और सड़क पर चक्काजाम किया जाएगा। ग्रामीणों के अनुसार सी-61 रेलवे फाटक को अंडरपास निर्माण के चलते शुक्रवार सुबह 9 बजे से करीब छह माह के लिए बंद कर दिया गया है। फाटक बंद होने से चंदड़ा गांव के एक ओर रहने वाले ग्रामीणों का दूसरी ओर स्थित खेतों तक आवागमन प्रभावित हो गया है।
ग्रामीण सुखपाल सिंह ने बताया कि रेलवे क्रॉसिंग से रोजाना करीब 2 हजार किसान, मजदूर और वाहन चालक आवागमन करते हैं। रेलवे ट्रैक के दूसरी ओर चक 5 चक में करीब 1500 बीघा कृषि भूमि है। फाटक बंद होने से किसानों को खेतों तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्ग से लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि अब ग्रामीणों को मानकसर की ओर से आने-जाने पर करीब 20 किलोमीटर और नवां की ओर से करीब 18 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे किसानों का समय और ईंधन खर्च दोनों बढ़ेंगे तथा कृषि कार्य भी प्रभावित होंगे।
दो बार कलक्टर को सौंपे ज्ञापन
सुखपाल सिंह के अनुसार ग्रामीणों ने फाटक बंद किए जाने से पहले इस समस्या को लेकर जिला कलक्टर को दो बार ज्ञापन सौंपकर अस्थायी रास्ते की व्यवस्था करने की मांग की थी। ग्रामीणों का कहना है कि फाटक बंद करने से पहले वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था की जानी चाहिए थी, लेकिन प्रशासन की ओर से फिलहाल अस्थायी रास्ता उपलब्ध करवाने से इनकार किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने कहा कि वे फिलहाल शांतिपूर्ण तरीके से धरना-प्रदर्शन कर अपनी मांग रख रहे हैं। यदि एक-दो दिन में उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि आवागमन के लिए अस्थायी रास्ता स्वीकृत करने तक वे अंडरपास निर्माण का विरोध जारी रखेंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर रेल ट्रैक और सड़क जाम किया जाएगा।
तहसीलदार के आश्वासन पर उठाया धरना
धरना-प्रदर्शन की सूचना मिलने पर दोपहर को तहसीलदार मौके पर पहुंचीं और ग्रामीणों से वार्ता की। ग्रामीणों की मांग पर तहसीलदार ने बताया कि रेलवे अधिकारियों से बातचीत की गई है। नवां की ओर से रेलवे ट्रैक के साथ-साथ आ रही रेलवे की भूमि पर अस्थायी रास्ता तैयार करवाने का प्रयास किया जा रहा है। तहसीलदार ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि दो दिन में अस्थायी रास्ता तैयार कर दिया जाएगा, ताकि किसानों और ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी न हो। इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया।
ग्रामीणों ने कहा कि उनका उद्देश्य विकास कार्य को रोकना नहीं है, लेकिन अंडरपास निर्माण की अवधि में किसानों और ग्रामीणों के लिए सुरक्षित एवं सुगम वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध करवाना जरूरी है। धरना-प्रदर्शन के दौरान ग्राम पंचायत प्रशासक देवेंद्र बराड़, गुरमीत चंदड़ा, बबलजीत, हरमीत सिंह, मनविंद्र सिंह, गोरा सिंह, जसपाल सिंह सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
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