13 माह से वेतन नहीं मिलने पर महाविद्यालय स्टाफ का सांकेतिक धरना, मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन होगा तेज

वेतन नहीं मिलने पर सावित्री बाई फुले कॉलेज के कर्मचारियों ने दिया धरना

Published On

खरखौदा (सच कहूँ न्यूज़)। सावित्री बाई फुले राजकीय कन्या महाविद्यालय  के कुल 75 कर्मचारियों ने 13 माह से वेतन नहीं मिलने और सेवा में समायोजन की प्रक्रिया लंबित होने के विरोध में शनिवार को कॉलेज गेट के बाहर सांकेतिक धरना दिया। धरने की अध्यक्षता प्रोफेसर योगिता ने की। इसमें परमवीर, वीरेंद्र, सुमित्रा, संदीप सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे। कर्मचारियों ने कक्षाओं में बाजू पर काले रिबन बांधकर छात्राओं को पढ़ाया और सरकार के प्रति रोष जताया।

कर्मचारियों ने बताया कि 5 अगस्त 2025 को सावित्री बाई फुले राजकीय कन्या महाविद्यालय का सरकार द्वारा अधिग्रहण किए जाने के बाद उन्हें सरकारी सेवा में समायोजित किए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन अभी तक मामला पूरा नहीं हो पाया है। कर्मचारियों का कहना है कि पिछले करीब 13 माह से वेतन नहीं मिलने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नियमित कर्मचारियों के दस्तावेजों का संबंधित विभाग द्वारा सत्यापन भी किया जा चुका है, इसके बावजूद वेतन जारी नहीं किया गया है।

मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

धरने के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार  बिजेंद्र नांदल को ज्ञापन सौंपा। शनिवार को अवकाश होने के कारण तहसीलदार बिजेंद्र नांदल कॉलेज में ही कर्मचारियों का ज्ञापन लेने पहुंचे। ज्ञापन में कर्मचारियों ने पिछले 13 माह का लंबित वेतन जल्द जारी करवाने, सभी कर्मचारियों की सेवा को सरकारी व्यवस्था में समायोजित करने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करवाने तथा भविष्य में वेतन नियमित रूप से जारी करने की मांग की।

ज्ञापन में कर्मचारियों ने कहा कि महाविद्यालय के सरकार द्वारा अधिग्रहण के बाद कर्मचारियों को उम्मीद थी कि उनकी सेवा एवं वेतन संबंधी समस्या का जल्द समाधान हो जाएगा, लेकिन लंबे समय से मामला लंबित होने के कारण कर्मचारियों में रोष बढ़ रहा है। कर्मचारियों ने बताया कि इस संबंध में वे मुख्यमंत्री और स्थानीय विधायक से भी कई बार मुलाकात कर अपनी समस्या से अवगत करा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ है। कर्मचारियों ने तहसीलदार से कहा कि वे लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को उठा रहे हैं।

अब यदि जल्द उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया और सरकार की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला तो अगले शनिवार से धरना लगातार जारी किया जाएगा। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि उनका मुख्य उद्देश्य लंबित वेतन जारी करवाना और सेवा में समायोजन की प्रक्रिया को जल्द पूरा करवाना है। तहसीलदार बिजेंद्र नांदल ने कर्मचारियों से बातचीत कर उनकी मांगों को सुना तथा उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

Kharkhoda

About The Author

Related Posts