Natural farming: किसानों को बताया प्राकृतिक खेती का महत्व

Published On

किसान गोष्ठी में खरीफ फसलों के बारे में दी जानकारी

Natural farming: हनुमानगढ़। विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत ग्राम पंचायत बहलोलनगर के पंचायत घर तथा चक 42 एसएसडब्ल्यू में किसान गोष्ठियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अध्यक्ष ग्राम पंचायत प्रशासक गुरलाल सिंह सिद्धू व विशिष्ट अतिथि डायरेक्टर घेरूराम रहे। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी कृषि विज्ञान केन्द्र संगरिया से डॉ. कुलदीप सिंह ने खरीफ फसलों की उन्नत किस्मों, प्राकृतिक खेती का महत्व, कचरा अपघटक वेस्ट डी कम्पोसर के प्रयोग से गोबर की खाद तैयार करने की विधि, कृषि राष्ट्रीय नवाचार परियोजना के तहत लगाए हुए प्रदर्शनों के परिणामों में मल्टीक्रॉप बेड प्लांटर, सॉयल टेंशियोमीटर की तकनीकी का प्रयोग के बारे में जानकारी दी। Hanumangarh News

पशु विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. मुकेश ने स्वच्छ दूध उत्पादन पर जानकारी उपलब्ध करवाई। सहायक कृषि अधिकारी उद्यान डॉ. विपिन भादू ने विभाग की सरकारी योजनाओं की जानकारी सहित नया बाग लगाने व मृदा स्वास्थ्य कार्ड की जानकारी दी। इस कार्यक्रम में भारत सरकार व राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं के साथ-साथ कृषक-वैज्ञानिक संवाद, नवाचार तथा कृषकों के महत्वपूर्ण फीडबैक, सिंचाई जल को फसलों की क्रांतिक अवस्थाओं पर उपलब्ध करवाना तथा कस्टम हायरिंग सेंटर की ग्राम स्तर पर आवश्यकता बताई गई।

कृषि उपज मंडी समिति के साहबराम वर्मा, कृषि विज्ञान केन्द्र के रविंद्र कुलड़िया, कृषि पर्यवेक्षक पंकज कुमार, कृषि पर्यवेक्षक उद्यान कंवर लवप्रीत सिंह, कृषि पर्यवेक्षक 30 एसएसडब्ल्यू लक्ष्मी मौजूद रहे। इससे पहले अराइयांवाली में कार्यक्रम हुआ। प्रत्येक टीम की ओर से भारत सरकार की विकसित कृषि संकल्प अभियान को पूरा करते हुए प्रत्येक दिवस तीन गांव में कार्यक्रमों का आयोजन 29 मई से लगातार जारी है। Hanumangarh News

राजस्थान के रवि प्रकाश मेहरड़ा को डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार

About The Author

Related Posts