Punjab
MSP: छह जून को कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन, 10 हजार किसान-मजदूरों के जुटने का दावा
संयुक्त किसान मोर्चा ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी, गेहूं खरीद की समय सीमा बढ़ाने और बारदाना उपलब्ध कराने की मांग
हनुमानगढ़। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद की समय सीमा बढ़ाने तथा पर्याप्त बारदाना उपलब्ध करवाने की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा ने 6 जून को जिला कलक्ट्रेट के समक्ष बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है। किसान नेताओं ने दावा किया है कि प्रदर्शन में जिले भर से करीब 10 हजार किसान और मजदूर शामिल होंगे। Hanumangarh News
गुरुवार को किसान भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि जिले की कई मंडियों में अभी भी किसानों का गेहूं पड़ा हुआ है, जबकि खरीद प्रक्रिया की निर्धारित समय सीमा समाप्त होने वाली है। बारदाने की कमी के कारण भी किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
किसान नेताओं ने मांग की कि गेहूं खरीद की अवधि तत्काल बढ़ाकर 30 जून तक की जाए और सभी खरीद केन्द्रों पर पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध कराया जाए, ताकि किसानों की उपज का सुचारू रूप से उठाव हो सके। उनका आरोप है कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद सरकार और प्रशासन ने किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया है। Hanumangarh News
किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि गेहूं खरीद की समय सीमा नहीं बढ़ाई गई और खरीद प्रक्रिया में सुधार नहीं हुआ तो 10 जून को किसान जिला कलक्ट्रेट गेट पर गेहूं से भरी ट्रॉलियां खाली कर विरोध प्रदर्शन करेंगे। माकपा नेता रामेश्वर वर्मा ने कहा कि सरकार ने किसानों से उनकी पूरी गेहूं एमएसपी पर खरीदने का वादा किया था, लेकिन उस पर अमल नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसान और मजदूर संगठनों ने बिना किसी राजनीतिक उद्देश्य के किसानों के हित में आंदोलन शुरू किया है।
पीलीबंगा में रेल मार्ग अवरुद्ध करने के बाद सरकार ने खरीद अवधि केवल छह दिन बढ़ाई, लेकिन इससे समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि किसानों की मांग है कि उनकी गेहूं का दाना-दाना समर्थन मूल्य पर खरीदा जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो किसान और मजदूर सरकार के कामकाज को प्रभावित करने वाले बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जिले से बारदाना बाहर भेजने का प्रयास किया गया तो किसान उसका विरोध करेंगे।
सरकार की नीयत पर उठाए सवाल
प्रो. ओम जांगू ने आरोप लगाया कि केन्द्र और राज्य सरकारें गेहूं खरीद के मामले में लगातार अड़चनें पैदा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि खरीद लक्ष्य कम कर दिए गए हैं और हनुमानगढ़-श्रीगंगानगर क्षेत्र में अब तक किसानों की पूरी उपज नहीं खरीदी गई है। उन्होंने दावा किया कि सरकार की नीतियों के कारण किसानों को हतोत्साहित किया जा रहा है। यदि गेहूं एमएसपी पर नहीं खरीदी गई तो बाजार में इसके भाव करीब 2000 रुपए प्रति क्विंटल तक गिर सकते हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि 6 जून के प्रदर्शन के दौरान आंदोलन की आगामी रणनीति भी तय की जाएगी। प्रेस वार्ता में रेशम सिंह माणुका, आत्मा सिंह, सुभाष गोदारा, रघुवीर वर्मा सहित विभिन्न किसान एवं मजदूर संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। Hanumangarh News