Punjab
भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता के विरोध में ट्रंप का पुतला दहन
किसानों ने उठाई कृषि क्षेत्र को एफटीए से बाहर रखने की मांग
हनुमानगढ़। भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की वार्ताओं में कृषि, डेयरी और पोल्ट्री क्षेत्र को शामिल किए जाने की आशंकाओं के विरोध में गुरुवार को संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) के बैनर तले किसानों ने जिला कलक्ट्रेट के सामने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया। Hanumangarh News
इसके बाद किसानों ने राष्ट्रपति के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर कृषि एवं कृषि आधारित क्षेत्रों के हितों की रक्षा की मांग की। मोर्चा के सहसचिव एमपी सहारण ने कहा कि भारत की लगभग आधी आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि एवं उससे जुड़ी गतिविधियों पर निर्भर है, जबकि अमेरिकी कृषि व्यवस्था बड़े पैमाने पर यंत्रीकृत, कॉरपोरेट आधारित तथा भारी सरकारी सब्सिडी से संचालित होती है। ऐसे में दोनों देशों के किसानों के बीच खुली प्रतिस्पर्धा भारतीय किसानों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।
किसान नेताओं ने आशंका जताई कि यदि कृषि, डेयरी, पोल्ट्री, पशुपालन और मत्स्य पालन क्षेत्रों को मुक्त व्यापार समझौते के दायरे में शामिल किया गया या अमेरिकी उत्पादों को कम अथवा शून्य शुल्क पर भारत में आयात की अनुमति दी गई तो इससे भारतीय किसानों की आय, ग्रामीण रोजगार, कृषि आधारित उद्योगों तथा खाद्य सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। Hanumangarh News
किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि अमेरिकी किसानों को भारी सरकारी सहायता, फसल बीमा और निर्यात प्रोत्साहन का लाभ मिलता है, जिससे भारतीय किसानों को असमान प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा। इसके अलावा सस्ते आयातित डेयरी और पोल्ट्री उत्पादों से करोड़ों पशुपालकों और लाखों छोटे उत्पादकों की आजीविका प्रभावित हो सकती है। सस्ते आयात से घरेलू बाजार में कृषि उत्पादों के दाम गिर सकते हैं, जिससे किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य नहीं मिलेगा।
संयुक्त किसान मोर्चा ने राष्ट्रपति से मांग की कि भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते से कृषि, डेयरी, पोल्ट्री, पशुपालन, मत्स्य पालन तथा अन्य कृषि आधारित उत्पादों को पूरी तरह बाहर रखा जाए। साथ ही अमेरिकी कृषि उत्पादों के कर-मुक्त या न्यूनतम शुल्क पर आयात की अनुमति नहीं देने, किसी भी व्यापार समझौते से पहले किसान संगठनों से व्यापक परामर्श करने तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य, सार्वजनिक खरीद प्रणाली और खाद्य सुरक्षा संबंधी नीतियों से कोई समझौता नहीं करने की मांग की गई। इस मौके पर सुखदेव सिंह, बलजिन्द्र सिंह, गगन सिद्धू, बेअन्त सिंह, इन्द्रजीत सिंह, कर्मजीत, अंगद कुमार, मोहर सिंह, जगसीर सिंह, जाकिर, किशोर सहित अन्य किसान मौजूद रहे। Hanumangarh News