लोकतंत्र सैनानी चौधरी प्रताप सिंह हुए पंचतत्व में विलीन

Published On

सैंकड़ों लोगों की मौजूदगी में पैतृक गांव लौहरका में राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

  • सलामी गारद ने शस्त्र झुकाकर दी अंतिम विदाई नहीं पहुंचे प्रोफेसर किरन पाल सिंह

बुलन्दशहर/औरंगाबाद (सच कहूँ न्यूज)। लोकतंत्र सैनानी चौधरी प्रताप सिंह मास्टर जी का रविवार को उनके पैतृक गांव लौहरका में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। मास्टर जी का निधन लंबी बीमारी के उपरांत शनिवार को मेरठ अस्पताल में 76 वर्ष की आयु में हो गया था। रविवार को लगभग साढ़े दस बजे उनकी शवयात्रा गांव के श्मशान घाट के लिए रवाना हुई। परिजनों की इच्छा अनुसार जिला प्रशासन प्रतिनिधि के रूप में पहुंचे नायब तहसीलदार अंकित सिंह ने श्मशान घाट पर पार्थिव शरीर को तिरंगा सम्मान दिया और पुष्प अर्पित करके भाव भीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। जिला मुख्यालय से पहुंची सलामी गारद ने शस्त्र उल्टे कर अंतिम सलामी दी।

अनेक गणमान्य लोगों व ग्रामीणों ने मास्टर प्रताप सिंह को श्रृद्धा सुमन अर्पित किए। थाना प्रभारी अखिलेश त्रिपाठी,चेयरमैन अख्तर अली मेवाती, पूर्व चेयरमैन राजकुमार लोधी दुलीचंद सैनी प्रमोद लोधी बौम्बे भाई, ज्ञानेंद्र भारद्वाज मनोज गुप्ता,बौबी शर्मा, हुसैन अली, सुशील चौधरी, सुनील चरौरा, अब्दुल्ला कुरैशी डॉ इकबाल जगवीर सिंह लोधी आदि ने श्रृद्धा सुमन अर्पित कर दिवंगत नेता को अंतिम विदाई दी। मुखाग्नि उनके भतीजे गौरव सिंह ने दी। इस अवसर पर क्षेत्र भर से आए सैंकड़ों लोग मौजूद रहे। क्षेत्र वासियों को पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रोफेसर किरन पाल सिंह के भी स्वर्गीय प्रताप सिंह के अंतिम संस्कार में भाग लेने के लिए गांव पहुंचने की उम्मीद थी लेकिन वो नहीं पहुंच सके।

अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और TwitterInstagramLinkedIn , YouTube  पर फॉलो करें।

About The Author

Related Posts