भारत को 2027 में मिल सकती है पहली महिला सीजेआई

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सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 9 नाम भेजे

नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। भारत को अगले कुछ वर्षों में पहली महिला चीफ जस्टिस मिल सकती है। उच्चतम न्यायालय में खाली पड़े जजों के पदों पर नियुक्ति के लिए कॉलेजियम ने नौ नाम केन्द्र सरकार को भेजे हैं, जिनमें 3 महिलाएं भी शामिल हैं। अगर केन्द्र सरकार की ओर से मंजूरी मिल जाती है तो कर्नाटक हाईकोर्ट की जज जस्टिस बीवी नागरत्ना देश की पहली महिला चीफ जस्टिस बन सकती है।

दो साल बाद होगी सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्ति

उच्चतम न्यायालय में आखिरी बार सितंबर 2019 में जजों की नियुक्ति हुई थी। उसके बाद से यहां जज रिटायर होते जा रहे थे, लेकिन नियुक्ति नहीं हो रही थी। पिछले सप्ताह ही जस्टिस आरएफ नरीमन के रिटायर होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में जजनों के नौ पद खाली थे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कॉलेजियम सदस्यों के बीच वैचारिक मतभेद होने की वजह से नामों पर सहमति नहीं बन पा रही थी, जिस वजह से नियुक्तियां अटकी हुई थीं।

नामों की सिफारिश

न्यायमूर्ति नागरत्ना के अलावा, पांच सदस्यीय कॉलेजियम द्वारा चुनी गई अन्य दो महिला न्यायाधीशों में न्यायमूर्ति हिमा कोहली, तेलंगाना एचसी की मुख्य न्यायाधीश और न्यायमूर्ति बेला त्रिवेदी, गुजरात एचसी में न्यायाधीश शामिल हैं। कॉलजियम द्वारा दिए गए बाकी नामों में नामों में जस्टिस अभय श्रीनिवास ओका (कर्नाटक एचसी के मुख्य न्यायाधीश), विक्रम नाथ (गुजरात एचसी के मुख्य न्यायाधीश), जितेंद्र कुमार माहेश्वरी (सिक्किम एचसी के मुख्य न्यायाधीश) , सीटी रविकुमार (केरल एचसी में न्यायाधीश) और एमएम सुंदरेश (केरल एचसी में न्यायाधीश) शामिल हैं।

 

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