J.S. University News: कैबिनेट की मीटिंग में जेएस विश्वविद्यालय की मान्यता की गई रद्द, संचालन होगा समाप्त

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जेएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद में अनियमितताओं पर योगी सरकार की कठोर कार्रवाई

  • फर्जी डिग्रियों के चलते जेएस विश्वविद्यालय पर गिरी गाज, डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय संभालेगा अभिलेख

फिरोजाबाद (सच कहूँ/विकास पालीवाल)। JS University News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े दो महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रभाव वाले प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। एक तरफ योगी कैबिनेट ने जेएस विश्वविद्यालय, शिकोहाबाद जनपद फिरोजाबाद के परिसमापन को मंजूरी दी है यानी जेएस विश्वविद्यालय की मान्यता को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। Firozabad News

जनपद फिरोजाबाद के जेएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद की मान्यता को समाप्त होने के प्रस्ताव की मंजूरी के निर्णय की जानकारी देते हुए उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि जांच में यह सामने आया कि विश्वविद्यालय द्वारा नियमों की अनदेखी करते हुए बीपीएड पाठ्यक्रम की फर्जी और बैक डेट में मार्कशीट व डिग्रियां जारी की गईं, जिनका उपयोग राजस्थान की शारीरिक शिक्षा अध्यापक भर्ती परीक्षा – 2022 में चयनित अभ्यर्थियों द्वारा किया गया । इस प्रकरण में राजस्थान पुलिस की जांच, कुलाधिपति एवं कुलसचिव की गिरफ्तारी तथा शासन स्तर पर गठित जांच समितियों की आख्या में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।

मंत्री ने बताया कि जेएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद द्वारा अधिनियम की विभिन्न धाराओं का उल्लंघन किया गया है, जिसमें डिग्री प्रदान करने की शक्ति का दुरुपयोग, संगठित अपराध के रूप में फर्जी अंकतालिकाओं एवं डिग्रियों का वितरण, आवश्यक भूमि मानक का पालन न करना तथा उत्तर प्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद को अनिवार्य विवरण उपलब्ध न कराना शामिल है। इन सभी तथ्यों के दृष्टिगत योगी सरकार ने जेएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद, फिरोजाबाद के परिसमापन का निर्णय लिया है। परिसमापन के पश्चात विश्वविद्यालय के समस्त अभिलेख डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के संरक्षण में रखे जाएंगे तथा उन्हीं अभिलेखों के आधार पर पूर्व में निर्गत मार्कशीट एवं डिग्रियों का प्रमाणीकरण किया जाएगा।

इधर जेएस विश्वविद्यालय के सभी दस्तावेज आगरा स्थित बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय को सौंप दिए गए हैं। उसके द्वारा सत्यापित मार्कशीट और डिग्रियां ही मान्य होंगी। इसके अतिरिक्त जेएस विश्वविद्यालय के बचे हुए बैच के संचालन व दस्तावेजों आदि के सत्यापन के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। कुलपति आगरा विश्वविद्यालय अध्यक्ष होंगे जबकि कुलसचिव आगरा विश्वविद्यालय और फिरोजाबाद के डीएम द्वारा नामित एडीएम इसके सदस्य होंगे। इधर यूनिवर्सिटी की चांसलर डॉ गीता यादव का कहना था कि उनको जानकारी मिली है। पूरी जानकारी हासिल की जा रही है।

ये था पूरा मामला, तत्कालीन चांसलर, कुलसचिव हैं 10 माह से जयपुर जेल में

फिरोजाबाद। शिकोहाबाद के मैनपुरी रोड स्थित जेएस विश्वविद्यालय का मामला एक बार फिर से गरमा गया । 8 मार्च 2025 को राजस्थान एटीएस/एसओजी की टीम ने यूनिवर्सिटी के तत्कालीन कुलाधिपति, रजिस्ट्रार तथा एक दलाल सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। जेएस यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार नंदन मिश्रा, यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ सुकेश यादव तभी से जेल में हैं। जयपुर पुलिस ने बताया था कि बैक डेट में बीपीएड की विभिन्न अंकतालिकाएं बनाई गई थीं, जिसमें कई लोग फर्जी तरीके से नौकरी कर रहे थे।

शारीरिक शिक्षा अध्यापक भर्ती परीक्षा 2022 में ऐसे 245 अभ्यर्थी चयनित हुए। जिनमें अधिकांश फर्जी तरीके से बैक डेट में हासिल की गई थी। एक ही शिक्षा सत्र में से जारी हुई फर्जी डिग्रियों से कई लोग सरकारी नौकरी कर रहे थे। अनेक छात्रों द्वारा आवेदन के समय अलग-अलग विश्वविद्यालय का उल्लेख किया गया है। Firozabad News

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