Punjab
'मोनू कश्यप के हत्यारोपियों से मोबाइल बरामद नहीं करा पाई पुलिस'
आरोपियों की निशानदेही पर जुटाए गए घटना से जुड़े अनेकों साक्ष्य, फॉरेंसिक टीम के सहयोग से घटनास्थल पर किया गया क्राइम सीन रिक्रिएशन
कैराना (सच कहूँ न्यूज़)। Kairana News: बहुचर्चित मोनू कश्यप हत्याकांड के आरोपियों से पुलिस उनके मोबाइल फोन बरामद करा पाने में असफल रही। हालांकि पुलिस ने क्राइम सीन रिक्रिएशन के अलावा घटना से जुड़े अनेकों साक्ष्य एकत्र करने की बात कही है। रिमांड अवधि पूरी होने पर दोनों हत्यारोपियों को वापिस जेल भेज दिया गया है।
कैराना पुलिस विगत बुधवार को कांधला थानाक्षेत्र के गांव जसाला निवासी मोनू कश्यप की हत्या के आरोप में मुजफ्फरनगर जिला कारागार में बंद सचिन व शुभम को कोर्ट की अनुमति के पश्चात तीन दिन की कस्टडी रिमांड पर लेकर आई थी। शुक्रवार को दोनों हत्यारोपियों की रिमांड अवधि पूर्ण हो गई। इस दौरान पुलिस दोनों हत्यारोपियों को घटनास्थल पर लेकर गई तथा फॉरेंसिक टीम के सहयोग से वहां पर क्राइम सीन रिक्रिएट किया गया। इसके अलावा, आरोपियों की निशानदेही पर होटल, पेट्रोल पंप व शराब की दुकान आदि जगहों से सीसीटीवी फुटेज हासिल की गई।
हालांकि पुलिस आरोपियों से उनके मोबाइल फोन बरामद करा पाने में नाकाम रही। मोबाइल फोन बरामद होने पर मोनू कश्यप की मौत से जुड़े राज सामने आने की काफी गुंजाइश थी। वहीं, मामले की विवेचना कर रहे कोतवाली प्रभारी निरीक्षक समयपाल अत्री का कहना है कि रिमांड अवधि पूरी होने पर दोनों अभियुक्तों को कोर्ट के समक्ष पेश किया गया। जहां से उन्हें जिला कारागार भेज दिया गया। आरोपियों की निशानदेही पर विवेचना से जुड़े काफी साक्ष्य एकत्र किए गए है।
यह है पूरा मामला....
विगत 21 अप्रैल को कांधला थानाक्षेत्र के गांव जसाला निवासी मोनू कश्यप संदिग्ध परिस्थितियों में पंजोखरा के निकट रेलवे ट्रैक के किनारे घायल अवस्था में पड़ा मिला था, जिसे उपचार हेतु पहले कांधला सीएचसी तथा बाद में मेरठ अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मेरठ में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। मृतक युवक मोनू की माँ ने गांव जसाला के ही सचिन व शुभम पर हत्या का शक जताते हुए कांधला थाने पर अभियोग पंजीकृत कराया था, जिन्हें बाद में पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी सचिन व शुभम ने महिला मित्र से बात न कराने पर मोनू कश्यप की ट्रेन के सामने धक्का देकर हत्या किया जाना स्वीकार किया था। दोनों आरोपियों के जेल जाने के बावजूद मोनू कश्यप की हत्या के मामले ने क्षेत्र में काफी तूल पकड़ा था। कश्यप समाज के लोगो ने एसपी कार्यालय पर धरना देकर प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी, जिस पर एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने मामले की विवेचना कांधला से कैराना थाने में ट्रांसफर कर दी थी।
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