आरएसएस 100 वर्ष: शताब्दी वर्ष पर सम्भलहेड़ा में पथ संचलन आयोजित

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मीरापुर (सच कहूँ/कोमल प्रजापति)। Miranpur News: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत सोमवार को सम्भलहेड़ा में कई आयोजन किए गए। अपराह्न लगभग 5 बजे संघ के स्वयंसेवकों ने अनुशासित पथ संचलन निकाला, जो श्रीसिद्धपीठ पंचमुखी महादेव मंदिर से प्रारंभ होकर बाजार पट्टी, जमाल पट्टी, रिक्शा स्टैंड, सालार पट्टी, भूमिया मार्ग से होते हुए पुनः शिव मंदिर पर संपन्न हुआ। Miranpur News

इस अवसर पर जिला प्रचारक निपेंद्र ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना 1925 में नागपुर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने की थी। हिंदू समाज को संगठित करने और राष्ट्र निर्माण की भावना के साथ शुरू हुआ यह संगठन अब अपने शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर चुका है। आगामी 2 अक्टूबर को विजयादशमी पर संघ अपने 100 वर्ष पूरे होने का ऐतिहासिक क्षण मनाएगा।

संघ के परंपरागत गणवेश में पथ संचलन की शुरुआत ध्वजारोहण, ध्वज प्रणाम और प्रार्थना से हुई। इस दौरान कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, स्वदेशी भाव, नागरिक कर्त्तव्य, महिला सशक्तीकरण और वंचित समाज के सहयोग जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया गया। स्वयंसेवकों ने अनुशासन और संगठन का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर समाज में आदर्श प्रस्तुत किया। Miranpur News

कार्यक्रम में जिला सहकारवा सतीश, खंड कारवा विपिन गुर्जर, पुष्पेंद्र शर्मा, हरेंद्र, अश्वनी, जोनी, प्रशांत सहित सैकड़ों स्वयंसेवक उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने पथ संचलन का स्वागत करते हुए पुष्पवर्षा की और संघ के अनुशासित आयोजन की सराहना की। वहीं, पुलिस प्रशासन भी सुरक्षा की दृष्टि से पथ संचलन के साथ-साथ मौजूद रहा।

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