Punjab

सॉफ्टवेयर इंजीनियर का नहीं लग रहा सुराग, अधीर हो रहे परिजन

उत्तराखंड के बागेश्वर जनपद के पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक से वापिस लौटते वक्त लापता हो गया था शेखूपुरा का अभिषेक चौहान

Sarvesh Kumar Picture
Published On

कैराना (सच कहूँ/संदीप इन्सां)। Kairana News: उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक से लौटते समय लापता हुए गांव शेखूपुरा निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर अभिषेक चौहान का एक सप्ताह बाद भी कोई सुराग नहीं लग सका है। बेटे की तलाश में उत्तराखंड पहुंचे परिजन लगातार प्रशासन और राहत टीमों के संपर्क में हैं, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिल पाई है।

कैराना ब्लॉक क्षेत्र के गांव शेखूपुरा निवासी अभिषेक चौहान 29 मई को उत्तराखंड के बागेश्वर जनपद में स्थित पिंडारी ग्लेशियर के जीरो प्वाइंट से लौटते समय लापता हो गया था। सूचना मिलने पर उसके पिता बीएसएफ इंस्पेक्टर रघुराज चौहान व इंजीनियर बहनोई आलोक समेत अन्य परिजन उत्तराखंड पहुंच गए थे। शुक्रवार को गांव में मौजूद अभिषेक के चाचा श्यामसिंह ने बताया कि उनके भाई ने फोन पर जानकारी दी है कि अभी तक अभिषेक का कोई पता नहीं चल पाया है।

उन्होंने बताया कि जिस क्षेत्र में अभिषेक लापता हुआ है वहां मोबाइल नेटवर्क की समस्या है, जिसके कारण संपर्क करने में भी दिक्कत आ रही है। अभिषेक के सकुशल लौटने की उम्मीद में परिवार और ग्रामीण लगातार प्रार्थना कर रहे हैं। गांव में भी उसके लापता होने को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है। 

तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर है अभिषेक चौहान

उत्तराखंड के पिंडारी ग्लेशियर के ज़ीरो पॉइंट से वापिस लौटते वक्त लापता सॉफ्टवेयर इंजीनियर अभिषेक चौहान तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर का है। गांव शेखूपुरा निवासी प्राइवेट शिक्षक एवं अभिषेक के पड़ोसी राजेश चौहान ने बताया कि सीमा सुरक्षा बल(बीएसएफ) में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत अभिषेक के पिता रघुराज चौहान वर्तमान में दिल्ली में तैनात है। बड़ी बहन पूनम भी इंजीनियर है। वह अपने इंजीनियर पति आलोक के साथ इंग्लैंड में रहकर किसी कंपनी में जॉब कर रही है।

अभिषेक की छोटी बहन आशू भी दिल्ली में किसी बहुराष्ट्रीय कंपनी में इंजीनियर के पद पर कार्यरत है। उन्होंने बताया कि अभिषेक नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। उत्तराखंड जाने से पहले वह अपनी दादी परसी को दिल्ली से गांव छोड़कर गया था। पिता रघुराज व बहनोई आलोक उसकी तलाश में उत्तराखंड के स्थानीय प्रशासन व राहत टीमों के सम्पर्क में बने हुए है। हालांकि उन्हें स्थानीय प्रशासन व राहत टीमों का अपेक्षित सहयोग नही मिल पा रहा है। वहीं, ग्रामीणों ने उत्तराखंड सरकार व प्रशासन से लापता इंजीनियर की तलाश में गम्भीरता दिखाने की मांग की है।

Kairana News (3)

About The Author

Related Posts