सच कहूँ टीम ने सड़क पर घायल पड़े शख्स की बचाई जान

Published On

वक्त पर अस्पताल पहुंचाकर करवाया उपचार

  • धर्मशाला से नामचर्चा का कार्यक्रम कवर करके लौट रही टीम ने निभाया इंसानियत का फर्ज

सरसा। डेरा सच्चा सौदा की शिक्षाओं का ही ये असर है कि सड़क पर यदि कोई इंसान या जानवर घायल अवस्था में डेरा प्रेमियों का दिख जाता है तो वे बिना देरी किए उसकी मदद में जुट जाते हैं। कुछ ऐसा ही किया सच कहूँ समाचार पत्र की टीम ने, जिसने पंजाब के फगवाड़ा के नजदीक रविवार रात सड़क हादसे में घायल एक व्यक्ति को अस्पताल पहुंचा कर उसकी जान बचाने में मदद की।

इस बारे में जानकारी देते हुए सच कहूँ के वरिष्ठ संवाददाता अनिल कक्कड़ ने बताया कि रविवार को हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में डेरा सच्चा सौदा के रूहानी स्थापना दिवस के विशाल नामचर्चा रूपी भंडारे को कवर करने गई सच कहूँ की टीम जब वापिस सरसा लौट रही थी तो पंजाब के फगवाड़ा के नजदीक एक व्यक्ति बुरी तरह घायल अवस्था में सड़क पर पड़ा था। आलम ये था कि घायल व्यक्ति के पास से बहुत से वाहन गुजर रहे थे, लेकिन कोई भी उसकी मदद के लिए नहीं रुका। लेकिन सच कहूँ टीम ने अपनी गाड़ी रोकी और उस घायल मदद की। सच कहूँ टीम के रुकने के बाद मोटर साइकिल सवार कुछेक स्थानीय युवा भी वहां आकर रुके। घायल के साथ एक और व्यक्ति भी था, जिसे थोड़ी कम चोट लगी थी। सच कहूँ टीम ने बिना देरी किए दोनों घायलों को अपनी गाड़ी में बैठाया और उसे अस्पताल ले गए। इस सेवा कार्य को सच कहूँ संवाददाता अनिल कक्कड़, दीपक त्यागी, सुरेंद्र शर्मा और सेवादार संदीप इन्सां ने अंजाम दिया।

अज्ञात वाहन की टक्कर से हुआ हादसा

घायलों की पहचान सोमनाथ और गोरा के रूप में हुई। गोरा जो कि होश-हवास में था, ने बताया कि वे पेंटिंग का कार्य करते हैं और सोमनाथ पेंटिंग का बड़ा ठेकेदार है। लेकिन सड़क पर उन्हें एक वाहन टक्कर मार गया, जिस वजह से वे सड़क पर गिरे और उन्हें चोट लगी। अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टर ने कहा कि घायल को अस्पताल लाने में थोड़ी और देर हो जाती तो बड़ा नुकसान हो सकता था, लेकिन अब घायल की जान खतरे से बाहर है।

आप मालिक के बंदे हो, शुक्र है आपके गुरू का

वहीं घायलों को अस्पताल पहुंचाने पर वहां उनके परिजन भी आ गए और उन्होंने वहां सच कहूँ टीम का धन्यवाद किया और कहा कि इस घोर कलयुग में जब अपने ही अपनों नहीं पूछते तो सड़क पर पड़े एक अंजान के लिए मदद का हाथ बढ़ाना कोई मालिक का बंदा ही ऐसा काम कर सकता है। वहीं जब सच कहूँ टीम ने उन्हें बताया कि वे डेरा सच्चा सौदा से आए हैं तो उन्होंने पूज्य गुरू जी को प्रणाम किया और उनका शुक्रिया अदा किया और कहा कि धन्य हैं आपके गुरू जी, जिन्होंने आप जैसे करोड़ों लोगों को इंसानियत का पाठ पढ़ाया है और आप जैसे लोगों की वजह से ही आज इंसानियत जिंदा है।

अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और TwitterInstagramLinkedIn , YouTube  पर फॉलो करें।

About The Author

Related Posts