Jammu and Kashmir: सेना को आतंकी ठिकानों से मिली बड़ी सफलता!

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ठिकाने से मिली विस्फोटक सामग्री

पुंछ (जम्मू-कश्मीर)। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षाबलों ने दक्षिण कश्मीर के जंगलों और सीमावर्ती इलाकों में व्यापक तलाशी अभियान तेज कर दिया है। सेना, पुलिस और विशेष अभियान दल (एसओजी) मिलकर संयुक्त रूप से तलाशी अभियान चला रहे हैं। ड्रोन और वीडियो निगरानी के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। Jammu-Kashmir News

इसी क्रम में पुंछ जिले के सुरनकोट क्षेत्र के मरहोट इलाके में रविवार देर रात चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। एक परित्यक्त आतंकी ठिकाने से पांच आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस), एक वायरलेस सेट और कुछ कपड़े बरामद किए गए हैं। बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर जांच आरंभ कर दी गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह अड्डा किस आतंकी संगठन से जुड़ा था और कितने समय से सक्रिय था।पहलगाम हमले के बाद अनंतनाग, पुलवामा, कुलगाम, त्राल, सोपोर, बारामूला, कुपवाड़ा और बांदीपुरा जैसे संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इन सभी क्षेत्रों में गश्त तेज की गई है और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।

एलओसी पर पाकिस्तानी गोलीबारी | Jammu-Kashmir News

वहीं, नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। सोमवार को लगातार 11वें दिन पाकिस्तानी सेना ने बिना किसी उकसावे के जम्मू-कश्मीर के कई सीमावर्ती क्षेत्रों में गोलीबारी की। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 4 और 5 मई की दरम्यानी रात को पाकिस्तानी सेना ने कुपवाड़ा, बारामुला, पुंछ, राजौरी, मेंढर, नौशेरा, सुंदरबनी और अखनूर के निकटवर्ती क्षेत्रों में छोटे हथियारों से गोलीबारी की। भारतीय सेना ने इस अकारण हमले का त्वरित और प्रभावी जवाब दिया। सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता और निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी घुसपैठ या आतंकी गतिविधि को रोका जा सके।

भारत की सख्त नीति

भारत सरकार ने पाकिस्तान के प्रति सख्त रुख अपनाते हुए कई कदम उठाए हैं। इनमें सीमा पार व्यापार पर रोक, अटारी-वाघा मार्ग बंद करना, सिंधु जल संधि की समीक्षा, पाकिस्तानी नागरिकों की वापसी और दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर रोक जैसे निर्णय शामिल हैं। Jammu-Kashmir News

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