उइगर जनसंहार के लिए चीन पर प्रतिबंध लगाए लोकतांत्रिक देश: मानवाधिकार कार्यकर्ता
नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। अनेक मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने भारत जैसे लोकतांत्रिक देशों से चीन द्वारा शिनज्यांग प्रांत में उइगर मुस्लिमों के जनसंहार की निंदा करने तथा कम्युनिस्ट देश और उसके नेतृत्व पर प्रतिबंध लगाने का अनुरोध किया है। वैचारिक संगठन लॉ एंड सोसाइटी एलाइंस द्वारा यहां आयोजित एक वर्चुअल कार्यक्रम में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की पूर्व उच्चायुक्त माइकल बैचले की भी चीन के बचाव में आने के लिए निंदा की। बैचले का कार्यकाल गत 30 अगस्त को समाप्त हुआ है।
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क्या है मामला:
जर्मनी में म्यूनिख स्थित वर्ल्ड उइगर कांग्रेस के अध्यक्ष दोलकन एसा, वाशिंगटन डीसी स्थित उइगर स्टडीज सेंटर के कार्यकारी निदेशक अब्दुल हकीम इदरीश और लॉ एंड सोसाइटी एलाइंस के अध्यक्ष एन सी बिपिंद्र ने संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय की उइगर समुदाय पर अत्याचारों से संबंधित रिपोर्ट में जताई गई चिंताओं पर सहमति व्यक्त की है।
उन्होंने इस बात की कड़े शब्दों में निंदा की है कि 48 पृष्ठों की इस रिपोर्ट में एक बार भी जनसंहार शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया है जबकि ब्रिटेन, फ्रांस, यूरोपीय संघ और कनाडा सहित अनेक देशों की संसद इस संबंध में प्रस्ताव पारित कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने इस मामले में बहुत देर से और कमजोर रिपोर्ट दी है। उनका कहना है कि रिपोर्ट उइगर समुदाय की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरती।
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