चीन सीमा से जोड़ने वाले चार पुलों का लोकार्पण आज

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(Four bridges connecting China)

धारचूला (पिथौरागढ़)। अब भारतीय सेना चीन से लगती सरहद तक आसानी से पहुंच सकेगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़कों पर नवनिर्मित चार पुलों का लोकार्पण करेंगे। इनमें एक स्पान पुल और तीन बैली ब्रिज शामिल हैं।  सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण ये पुल चीन सीमा तक सेना की पहुंच आसान करेंगे, साथ ही सीमांत के लोगों को भी आवागमन में सुविधा मिलेगी। बीआरओ के हीरक परियोजना के चीफ इंजीनियर एमएनवी प्रसाद ने यह जानकारी दी।

  • जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क पर जौनालीगाड़ में 6.5 करोड़ की लागत से बनाया 70 मीटर लंबा स्पान पुल
  • तवाघाट-घटियाबगड़ मार्ग पर जुंतीगाड़ में बनाया 140 फीट ट्रिपल सिंगल रीइंसफोर्स्ड बैली ब्रिज
  • जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क पर किरकुटिया नाले पर बना 180 फीट डबल-डबल रीइंसफोर्स्ड बैल ब्रिज
  • मुनस्यारी-बोगडियार-मिलम मोटर मार्ग पर बनाया लास्पा नाले पर 140 फीट डबल-डबल रीइंसफोर्स्ड बैली ब्रिज

इसलिए है महत्वपूर्ण 

लास्पा नाले में बना बेली ब्रिज उच्च हिमालयी क्षेत्र में है। जौलजीबी-मुनस्यारी-मिलम और तवाघाट-घट्टाबगड़ सड़कें सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं। इन पुलों के निर्माण से चीन सीमा तक भारत की पहुंच और अधिक मजबूत होगी। प्रवास पर जाने वाले धारचूला और मुनस्यारी के स्थानीय नागरिकों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी और पर्यटन गतिविधियों भी बढ़ेंगी।

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