उत्तराखंड में चीन सीमा पर ग्लेशियर टूटा, आठ की मौत, छह गंभीर

Published On

देहरादून (एजेंसी)। उत्तराखंड में चमोली जनपद से लगे चीन सीमा पर ग्लेशियर टूटने के कारण सुमना स्थित बीआरओ कैम्प के पास हुए भारी हिमपात में भारतीय सेना ने 384 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है जबकि 8 शव बरामद हुए हैं तथा 6 अन्य की हालत गम्भीर है। भारतीय सेना के अतिरिक्त महानिदेशक जनसम्पर्क ने टिवटर के माध्यम से बताया कि अभी तक कुल 384 व्यक्ति सुरक्षित निकाले जा चुके हैं। राहत कार्य प्रगति पर है। इस बीच मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत हेलीकॉप्टर से प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर स्थिति का आकलन कर रहे हैं।

उत्तराखंड के चमोली जिले से लगे भारत-चीन (तिब्बत) सीमा क्षेत्र पर नीती घाटी स्थित सुमना में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के कैंप के समीप ग्लेशियर टूटकर गिर गया। राज्य सरकार ने अलर्ट जारी किया है। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने ट्वीट करके इसकी पुष्टि की है। बीआरओ के कमांडर कर्नल मनीष कपिल ने भी इस हादसे की पुष्टि की है। सूत्रों के अनुसार, बुधवार से लगातार हो रही बर्फबारी और बारिश के बीच एक ग्लेशियर टूटा और उसका मलबा मलारी-सुमना सड़क पर आ गिरा। सिंह ने देर रात ट्वीट करके कहा कि नीती घाटी के सुमना में ग्लेशियर टूटने की सूचना मिली है। इस संबंध में मैंने एलर्ट जारी कर दिया है। मैं जिला प्रशासन और बीआरओ से लगातार संपर्क में हूँ।

जिला प्रशासन को मामले की पूरी जानकारी प्राप्त करने के निर्देश दे दिए हैं। एनटीपीसी और अन्य परियोजनाओं में रात के समय काम रोकने के आदेश दे दिए हैं ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। सूत्रों ने बताया कि बीआरओ कमांडर कर्नल कपिल ने कहा कि मजदूरों को कोई नुकसान हुआ कि नहीं इसके बारे जानकारी जुटाई जा रही है। बताया गया है कि यहां बीआरओ के मजदूर सड़क निर्माण कार्य में जुटे हुए थे। अत्यधिक बर्फबारी होने से सीमा क्षेत्र में वायरलेस भी काम नहीं कर रहे हैं। पिछले तीन दिनों से नीती घाटी में अत्यधिक बर्फबारी हो रही है। मलारी से आगे जोशीमठ-मलारी हाईवे भी बर्फ से ढक गया है, जिससे सेना और आईटीबीपी के वाहनों की आवाजाही भी बाधित हो गई है।

 

अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।

About The Author

Related Posts