Thailand-Cambodia Ceasefire: भीषण व जानलेवा सीमा झड़पों के बाद थाईलैंड और कंबोडिया में संघर्ष विराम पर सहमति

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Thailand-Cambodia Ceasefire: बैंकॉक/फ्नोम पेन्ह। कई सप्ताह तक चली भीषण और जानलेवा सीमा झड़पों के बाद थाईलैंड और कंबोडिया ने शनिवार को संघर्ष विराम पर सहमति जता दी। दोनों देशों के बीच यह सहमति कंबोडिया–थाईलैंड जनरल बॉर्डर कमेटी (जीबीसी) की तीसरी विशेष बैठक के दौरान बनी, जिसमें दिसंबर के आरंभ से जारी टकराव को समाप्त करने का निर्णय लिया गया। Thailand-Cambodia News

कंबोडिया के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने 27 दिसंबर को जारी एक आधिकारिक वक्तव्य में बताया कि जीबीसी की बैठक में दोनों देशों ने संयुक्त घोषणा-पत्र को स्वीकार कर उस पर हस्ताक्षर किए हैं। बयान में कहा गया कि दोनों पक्ष संघर्ष विराम को पूर्ण रूप से लागू करने तथा कंबोडिया–थाईलैंड सीमा क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों के लिए शांति, स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराते हैं।

हालांकि, संघर्ष विराम की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद हालात फिर तनावपूर्ण हो गए। कंबोडिया ने आरोप लगाया कि थाईलैंड ने समझौते के बावजूद उसके उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र पर हमला किया। कंबोडियाई रक्षा मंत्रालय के अनुसार, शनिवार को किए गए इस हमले में थाई वायुसेना के एफ-16 लड़ाकू विमानों का प्रयोग किया गया। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, बंतेय मीनचे प्रांत के सेरेई सोफॉन इलाके में सुबह के समय चार बम गिराए गए।

26 दिसंबर की कार्रवाई को लेकर थाई सेना ने सफाई

कंबोडिया का यह भी कहना है कि यह हवाई हमला एक दिन पहले हुई बमबारी की कड़ी में हुआ, जब थाईलैंड ने उसी प्रांत के चोक चे गांव में एक लक्ष्य पर भारी बम गिराए थे। 26 दिसंबर की कार्रवाई को लेकर थाई सेना ने सफाई देते हुए कहा कि यह संयुक्त थल-और-वायु अभियान था, जिसका उद्देश्य सा काओ प्रांत की सुरक्षा करना था। यह क्षेत्र बंतेय मीनचे से सटा हुआ है और दोनों देशों के दावों को लेकर विवादित माना जाता है।

इस बीच, दोनों देश एक-दूसरे पर संघर्ष विराम के उल्लंघन का आरोप लगा रहे हैं और अपनी सैन्य कार्रवाई को आत्मरक्षा का कदम बता रहे हैं। थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल ने शुक्रवार को कहा कि उनका देश कंबोडिया से 72 घंटे के संघर्ष विराम पर सहमति की उम्मीद करता है। थाई सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि यदि संघर्ष विराम प्रभावी रूप से लागू होता है, तो कंबोडियाई युद्धबंदियों की रिहाई पर विचार किया जा सकता है।

थाई वायुसेना के प्रवक्ता एयर मार्शल जैकक्रिट थम्माविचई के हवाले से एपी ने कहा कि यदि कंबोडिया संघर्ष विराम को लेकर ईमानदार नहीं रहता, तो स्थायी शांति संभव नहीं होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी स्थिति में थाईलैंड को अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए व्यापक सैन्य कार्रवाई करने पर विवश होना पड़ सकता है। Thailand-Cambodia News

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