प्रोफेसर को महंगी पड़ गई तालिबान की आलोचना, जान पर बनी

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काबुल (एजेंसी)। एक टेलीविजन शो में इस्लॉमिक संगठन की आलोचना करने वाले काबुल विश्वविद्यालय के एक जाने-माने प्रोफेसर फैजुल्लहा जलाल को उठा लिया गया है। अफगानिस्तान के इस्लामिक अमीरात के शीर्ष प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने शनिवार को इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि प्रोफेसर को ट्विटर अकाउंट पर उनके द्वारा किए गए ट्वीट्स की एक श्रृंखला प्रकाशित होने के बाद गिरफ्तार किया गया था।

प्रोफेसर की रिहाई के लिए सोशल मीडिया पर अभियान चला रही उनकी पुत्री हसीना जलाल ने कहा कि तालिबान अधिकारियों ने उन्हें अपने पिता से बात करने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने कहा कि मेरे पिता के स्वास्थ्य और ठिकाने के बारे में जानने के कई प्रयासों के बाद तालिबान अधिकारियों ने हमें उनसे बात करने की अनुमति नहीं दी। प्रोफेसर जलाल की गिरफ्तारी के विरोध में रविवार को मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के एक समूह ने काबुल की सड़कों पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने उनकी तत्काल रिहाई की मांग की।

फैजुल्ला जलाल की पत्नी मसूदा जलाल ने शनिवार को कहा कि वह अपने पति के स्वास्थ्य के बारे में नहीं जानती हैं और वे बहुत चिंतित हैं। इस बीच एमनेस्टी इंटरनेशनल ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रयोग करने और एक टीवी शो में तालिबान की आलोचना करने के मामले में प्रो. जलाल की गिरफ्तारी की निंदा की। बयान में तालिबान अधिकारियों से प्रो. जलाल को तत्काल और बिना शर्त रिहा करने का आह्वान करते है।

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