India Gold Medal: हार के मुंह से गोल्ड तक! साहिल-चिकिता ने शूट-ऑफ में कोरिया को हराया, भारत को मिला शानदार स्वर्ण

हार के मुंह से गोल्ड तक! साहिल-चिकिता ने शूट-ऑफ में कोरिया को हराया, भारत को मिला शानदार स्वर्ण

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India Gold Medal: नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय तीरंदाजों का शानदार प्रदर्शन जारी है। कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट में साहिल जाधव और चिकिता तानीपार्थी ने जबरदस्त दबाव के बीच दक्षिण कोरिया को शूट-ऑफ में हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। मुकाबला इतना रोमांचक रहा कि चार सेट के बाद दोनों टीमें 157-157 के स्कोर पर बराबरी पर थीं। इसके बाद शूट-ऑफ में भारत ने 20-19 से बाजी मारते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया।

यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि मुकाबले के आखिरी पलों में भारत पर सिल्वर मेडल का खतरा मंडरा रहा था। लेकिन साहिल जाधव ने आखिरी शॉट में शानदार 10 अंक हासिल कर स्कोर बराबर कराया और इसके बाद शूट-ऑफ में भारत ने मुकाबला अपने नाम कर लिया।

पहले दो सेट में भारत ने बनाई बढ़त

मुकाबले की शुरुआत में साहिल जाधव और चिकिता तानीपार्थी ने शानदार निशाना लगाया। पहले दो सेट के बाद भारतीय जोड़ी ने 80-78 की बढ़त बना ली थी।

हालांकि तीसरे सेट में दक्षिण कोरिया ने वापसी करते हुए अंतर को कम कर दिया। तीसरे सेट के बाद भारत की बढ़त सिर्फ एक अंक की रह गई और कुल स्कोर 118-117 हो गया।

अब आखिरी सेट में मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया था। दोनों टीमों पर दबाव साफ दिखाई दे रहा था और एक छोटी सी गलती भी गोल्ड मेडल का फैसला कर सकती थी।

आखिरी शॉट ने पलटा पूरा मैच

आखिरी सेट में दक्षिण कोरिया ने परफेक्ट स्कोर हासिल करते हुए भारत पर दबाव बढ़ा दिया। चिकिता तानीपार्थी अपने शॉट में 9 अंक ही हासिल कर सकीं। ऐसे में भारत के लिए साहिल जाधव का आखिरी शॉट बेहद अहम हो गया।

अगर साहिल 10 अंक हासिल नहीं कर पाते तो भारत को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ता। लेकिन साहिल ने दबाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 अंक हासिल किए और भारत को मुकाबले में वापस ला दिया।

चार सेट के बाद स्कोर 157-157 हो चुका था। अब गोल्ड मेडल का फैसला शूट-ऑफ से होना था।

शूट-ऑफ में भी धड़कनें बढ़ीं

शूट-ऑफ में दोनों टीमों को दो-दो शॉट का मौका मिला। भारत और दक्षिण कोरिया के पहले शॉट में दोनों टीमों ने 10-10 अंक हासिल किए। इसके बाद भारतीय जोड़ी ने भी शानदार निशाना लगाया। दक्षिण कोरिया की महिला तीरंदाज का शॉट मिडिल पॉइंट के अपेक्षाकृत करीब था, जिससे मुकाबला और रोमांचक हो गया।

अब सभी की नजरें दक्षिण कोरिया के पुरुष तीरंदाज के आखिरी शॉट पर थीं। अगर वह 10 अंक हासिल कर लेते, तो मुकाबला बेहद करीबी स्थिति में पहुंच जाता। लेकिन दबाव में उनका शॉट 9 अंक का रहा। इस तरह भारत ने शूट-ऑफ में 20-19 से जीत दर्ज कर ली और साहिल जाधव-चिकिता तानीपार्थी की जोड़ी ने गोल्ड मेडल पर कब्जा कर लिया।

शूट-ऑफ में कैसे होता है फैसला?

अगर शूट-ऑफ में दोनों टीमों का स्कोर बराबर रहता है, तो विजेता का फैसला तीर के मिडिल पॉइंट के सबसे करीब होने के आधार पर किया जाता है। यानी ऐसी स्थिति में जिस टीम का तीर केंद्र के सबसे करीब होता है, उसे विजेता घोषित किया जाता है।

भारत को मिला एक और आर्चरी गोल्ड

साहिल और चिकिता की इस जीत ने एशियन गेम्स 2026 में भारतीय तीरंदाजी अभियान को और मजबूत कर दिया है। चिकिता तानीपार्थी इससे पहले भी भारतीय कंपाउंड महिला टीम के साथ गोल्ड जीत चुकी हैं। भारतीय महिला कंपाउंड टीम में चिकिता के साथ ज्योति सुरेखा वेन्नम और पृथिका प्रदीप ने भी स्वर्ण पदक हासिल किया है।

कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह इवेंट लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक में पहली बार शामिल होने जा रहा है।

भारत के खाते में 54 मेडल

इस जीत के बाद एशियन गेम्स 2026 में भारत के पदकों की संख्या 54 पहुंच गई है। उपलब्ध ताजा पदक तालिका के अनुसार भारत के खाते में 8 गोल्ड, 21 सिल्वर और 25 ब्रॉन्ज हैं। भारत पदक तालिका में नौवें स्थान पर है।

भारतीय दल के लिए तीरंदाजी लगातार पदक दिलाने वाले खेलों में शामिल रही है। साहिल और चिकिता की यह जीत इस अभियान में एक और शानदार अध्याय जोड़ती है।

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