सरकारी स्कूलों के 300 से अधिक प्रिंसिपलों को प्रशिक्षण के लिए विदेश भेजने वाला पहला राज्य बना पंजाब

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500 से अधिक शिक्षकों ने अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षण प्राप्त किया

चंडीगढ़। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से 306 प्रिंसीपलों और शिक्षकों को विदेशों में विश्व स्तरीय शिक्षा देकर एक नया स्तर स्थापित किया है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के साथ बीते सप्ताह 36 प्रिंसिपलों के सातवें बैच को हरी झंडी दिखाकर सिंगापुर के लिए रवाना किया था। यह बैच 9 से 15 मार्च तक सिंगापुर स्थित प्रिंसिपल अकादमी में प्रशिक्षण हासिल करेगा। इससे पहले पंजाब ने पांच दिन के लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम के लिए 198 प्रिंसिपलों/शिक्षा अधिकारियों के छह बैचों को सिंगापुर और 72 प्राइमरी कैडर शिक्षकों को फिनलैंड भेजा था। इसके अलावा, 152 प्रिंसीपलों व शिक्षा अधिकारियों के तीन बैच आईआईएम अहमदाबाद भेजे गए थे। प्रशिक्षण के दौरान इन शिक्षकों को विदेशों में प्रचलित आधुनिक शिक्षण पद्धतियों के बारे में जानकारी दी जाती है और वापसी के बाद ये शिक्षक इन पद्धतियों को विद्यार्थियों और उनके साथियों के साथ साझा करते हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि विद्यार्थी विदेशी शिक्षा पैटर्न से परिचित हों।

यह एक मार्गदर्शक पहल है, जो विद्यार्थियों की भलाई के लिए राज्य की समग्र शिक्षा प्रणाली को प्रगति दे रही है और ये शिक्षक वास्तव में विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा सुनिश्चित करके वर्तमान समय में शिक्षा क्षेत्र में बदलाव के दूत के रूप में काम कर रहे हैं। यह मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के विजन के अनुसार है, जो मानते हैं कि शिक्षकों और स्कूल प्रिंसीपलों की योग्यता और क्षमता सीधे तौर पर उनके विद्यार्थियों की शिक्षा गुणवत्ता और उनके स्कूलों के प्रदर्शन से झलकती है। स्कूल शिक्षकों और स्कूल प्रिंसीपलों के विदेश दौरे ने शैक्षिक संस्थाओं में प्रशिक्षण, प्रेरणा और बेहतर शिक्षण विधियों का संरचनात्मक प्रभाव उत्पन्न किया है।

इसका उद्देश्य शिक्षकों, स्कूल प्रिंसीपलों और स्कूल शिक्षा प्रशासकों को सरकारी खर्च पर स्विट्जरलैंड, सिंगापुर, फिनलैंड जैसे देशों और हार्वर्ड तथा आक्सफोर्ड जैसी संस्थाओं में भेजना है, ताकि वे आधुनिक शिक्षा पद्धतियों के माध्यम से शिक्षा प्रणाली को अगले स्तर पर ले जा सकें।

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