Punjab
बुजुर्गों की पेंशन पर संकट! भत्ता न काटने और रिकवरी रोकने की उठी मांग
बुजुर्गों की पेंशन पर संकट! भत्ता न काटने और रिकवरी रोकने की उठी मांग
खरखौदा, सच कहूं। सरकार ने 1987 में वृद्धावस्था सम्मान भत्ता (बुढ़ापा पेंशन) शुरू की थी और तब से लेकर दिसंबर 2025 तक ये सम्मान सुचारू रूप से बुजुर्गों को मिल रहा था । उसके बाद हरियाणा सरकार ने आय के आधार पर हजारों बुजुर्गों की पेंशन काट दी और 60 साल उम्र से पहले जिनकी पेंशन बनी थी उनसे अब पैसों की रिकवरी के नोटिस आ रहे है।
अगर फिर भी पैसों की रिकवरी करनी है तो जिन अधिकारियों ने बिना तथ्य जांच किए पेंशन बनाई है । उसकी जांच होनी चाहिए ।बहुत सारे बुजुर्ग आज भी अपनी पेंशन बनवाने के लिए चक्कर काट रहे है। किसी की फैमिली आईडी में इनकम ज्यादा है तो किसी की फैमिली आईडी अलग नहीं हो रही है। बुजुर्गों की सम्मान भत्ता को आय के आधार पर ना देखकर सम्मान के आधार पर सबकी पेंशन बहाल की जानी चाहिए और कोई भी पैसों की रिकवरी न की जाए। इस मौके पर विकेश दहिया रोहणा, कृष्ण सिसाना, सतबीर बरोना,बिजेंद्र तुर्कपुर, सत्यवान सिसाना, भगत सिंह मंडौरा, रामरती, बिमला, प्रवेश खांडा आदि मौजूद रहे।