Private School News: शिक्षा विभाग ने गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों पर की तालाबंदी

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 प्राइवेट स्कूल संचालकों ने शहर में किया विरोध प्रदर्शन | Rohtak News

  • प्राइवेट स्कूल संचालकों ने सरकार पर शिक्षा के निजीकरण करने का लगाया आरोप

रोहतक (सच कहूँ/नवीन मलिक)। Private School News: शिक्षा विभाग द्वारा गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों पर तालाबंदी के विरोध में शनिवार को प्राइवेट स्कूल संचालकों ने शहर में प्रदर्शन किया और सरकार पर अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने का आरोप भी लगाया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार हाईकोर्ट का बहाना बनाकर प्राइवेट स्कूलों को टारगेट कर रही है और मनमानी शर्ते लगाकर स्कूल संचालकों को परेशान कर रही है, जिसे किसी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। प्राइवेट स्कूल संचालकों ने चेताया कि अगर सरकार ने अपना फैसला वापिस नहीं लिया तो पूरे प्रदेश में आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। प्राइवेट स्कूल संचालक देवेन्द्र शर्मा, पूनम कौशिक ने कहा कि जिले में कई ऐसे स्कूल है, जो 20-25 साल पुराने है और इन स्कूलों से पढ़कर ही विद्यार्थी आज उच्चपदों पर कार्यरत है। Rohtak News

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जो शर्ते प्राइवेट स्कूलों पर लगाई जा रही है, वह पूरी नहीं हो सकती है, क्योंकि ज्यादातर प्राइवेट स्कूल उन रिहायशी क्षेत्रों में है, जहां पर आबादी अधिक है और नई जमीन नहीं ली जा सकती है। उन्होंने सरकार से स्कूल की जमीन की शर्ते में ढिलाई देने की मांग की। साथ ही स्कूल संचालकों ने यहां तक कहा कि वह नाम मात्र फीस में ही बच्चों को अच्छी शिक्षा उपलब्ध करवा रहे है, जबकि सरकार यह नहीं चाहती है, सरकार का मकसद केवल अपने उन चहेतों को लाभ पहुंचाना है, जिनके स्कूल में एक-एक विद्यार्थी की फीस लाख रुपए से ऊपर है, ऐसे में मध्यवर्गीय परिवार अपने बच्चों को शिक्षा उपलब्ध करवाने में पूरी तरह से असहाय है। देवेन्द्र शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा का निजीकरण करने पर तुली हुई है और इसी के चलते अनाप शनाप शर्ते प्राइवेट स्कूल संचालकों पर लगा रही है। दरअसल शिक्षा विभाग द्वारा जिला में 70 गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को चयनित किया गया है और विभाग द्वारा अभियान चलाकर प्राइवेट स्कूलों पर सख्त कारवाई की जा रही है। Rohtak News

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