मरणोपरांत भी दुनियां देखेगी प्रेमी मायाराम इन्सांं की आंखे

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सचकहूँ/लाजपतराय, रादौर। ब्लॉक रादौर के गांव पोटली निवासी प्रेमी मायाराम इन्सां (Mayaram Insan) अपनी स्वांसों रूपी पूंजी पूरी कर सचखंड जा विराजे। डेरा सच्चा सौदा की शिक्षाओं पर चलते हुए गांव पोटली निवासी प्रेमी मायाराम इन्सां की अंतिम इच्छानुसार उसके परिजनों ने उनकी आंखें माधव नेत्र बैंक को दान की। वहीं डेरा सच्चा सौदा की बेटा बेटी एक-समान मुहिम के तहत मृतक प्रेमी मायाराम इन्सां की बहन, बेटी व पुत्रवधुओं ने उनकी अर्थी को कंधा दिया।

इस अवसर पर प्रेमी मायाराम (Mayaram Insan) के छोटे भाई प्रेमी रोशन लाल इन्सां व बेटे चेतराम इन्सां ने बताया कि उनका परिवार दशकों से डेरा सच्चा सौदा से जुड़ा हैं और आज भी पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की प्रेरणा से मानवता भलाई कार्यो में हैं उन्हीं कार्यो के तहत उनके भाई ने जीते जी संकल्प लिया हुआ था कि उसके मरणोपरांत उनकी आंखें दान की जाए जो किसी की अंधेरी जिंदगी में उजाला करेगी।

उनकी इसी इच्छानुसार उन्होंने उनकी आंखें माधव नेत्र बैंक को दान की। जो किसी भी जरुतमंद के काम आएगीं। वही उन्होंने बताया कि पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की बेटा-बेटी एक समान मुहिम के तहत मायाराम इन्सां की बहन रोशनी, बेटी राजरानी इन्सां, पुत्रवधु, सविता इन्सां, कविता इन्सां व स्योंगीता इन्सां ने अर्थी को कंधा दिया। प्रेमी मायाराम इन्सां के बेटे चेतराम इन्सां ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी। पे्रमी मायाराम इन्सां की शवयात्रा में ब्लॉक जिम्मेदारों के साथ समाजिक संगठनों सहित काफी सख्या में साध-संगत भी पहुंची।

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