भूपेन्द्र हुड्डा की कोठी पर सरकार का खुला दिल

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 रिपेयर, रंग रोगन रिपेयर और फर्नीचर को दिया जा रहा नया लुक

  • एक महीने से चल रहा पुर्ननिर्माण कार्य

  • पूर्व मुख्यमंत्री को सेक्टर 7 में अलॉट हुई कोठी नम्बर 70

अश्वनी चावला/सच कहूँ चंडीगढ़। हर समय हमलावर रहने वाले पूर्व सीएम भूपेन्द्र सिंह हुड्डा पर खट्टर सरकार आजकल काफी मेहरबान है। नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद भूपेन्द्र सिंह हुड्डा को सेक्टर 7 में अलॉट हुई कोठी नंबर 70 पर हरियाणा सरकार की तरफ से दिल खोलकर खर्चा किया जा रहा है। इस कोठी को न सिर्फ आॅलीशान लुक देने के लिए कई तरह के बदलाव किए जा रहे हैं बल्कि नये रंग-रोगन के साथ-साथ फर्नीचर को भी नई लुक दी जा रही है। भूपेन्द्र सिंह हुड्डा को अलॉट हुई इस नई कोठी में पिछले लगभग 40 दिन से काम चल रहा है।

  • इस कारण हुड्डा अभी विधायक के तौर पर मिले फ्लैट से ही काम चला रहे हैं।
  • उम्मीद जताई जा रही है कि कोठी में चल रहा काम जनवरी के पहले हफ्ते तक मुकम्मल हो जाएगा।
  • लोहड़ी के आसपास ही भूपेंद्र सिंह हुड्डा इस नई कोठी में शिफ्ट हो पाएंगे।

-जानकारी अनुसार भूपेन्द्र सिंह हुड्डा पिछले 5 सालों के दौरान लगभग 4 साल के करीब विपक्ष में बैठने के बावजूद भी बतौर पूर्व मुख्यमंत्री चंडीगढ़ के सेक्टर 7 में स्थित 70 नंबर कोठी में रहते आए हैं। पिछली बार मनोहर सरकार की तरफ से पूर्व मुख्यमंत्रियों को चंडीगढ़ में कोठी अलॉट करने के कानून को खत्म करने के बाद हुड्डा को मजबूरन कोठी नंबर 70 को खाली करना पड़ा था।

कोठी में कई तरह की तब्दीलियां करने के साथ ही नई लुक देने की भी डिमांड की गई थी

अभी हाल ही में हुए चुनाव के दौरान मजबूत विपक्ष के तौर पर कांग्रेस के सामने आने के साथ-साथ भूपेन्द्र सिंह हुड्डा प्रतिपक्ष के नेता भी बन गए हैं जिसके चलते उन्हें चंडीगढ़ में कैबिनेट मंत्रियों जैसी कोठी अलॉट होनी थी। इसी अलॉटमेंट होने से पहले भूपेन्द्र सिंह हुड्डा की तरफ से खुद 70 नंबर कोठी की ही डिमांड की गई थी, जिसमें कि वह पिछले समय में कई साल तक रहे थे। भूपेन्द्र सिंह हुड्डा की तरफ से इस सरकारी कोठी का अलॉट करवाने के साथ-साथ हरियाणा सरकार के सामने कोठी में कई तरह की तब्दीलियां करने के साथ ही नई लुक देने की भी डिमांड की गई थी। उसी के चलते यह पूरा निर्माण कार्य करवाया जा रहा है।

कितना हुआ खर्च, अभी नहीं मालूम

  • कोठी के सुधार कार्यों पर कितना खर्च हुआ है ।
  • अभी तक इस बारे में पता नहीं चल पाया है।
  • बताया जा रहा है कि कार्य पूर्ण होने के बाद पैमाइश होगी।
  • तत्पश्चात ही पूरी कोठी में क्या-क्या काम करने पर कितना कितना खर्च आया है, उसका पता चल पाएगा।

 

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