मेडिकल रिसर्च के काम आएगी राजरानी इन्सां की मृत देह

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– ब्लॉक की दसवीं शरीरदानी बनी राजरानी इन्सां

सच कहूँ/सुनील कमार
खारियां। कलयुग के इस भंयकर समय में जहां हर किसी से एक फूटी कोड़ी तक दान नहीं की जाती वहीं डेरा सच्चा सौदा अनुयायी जीते जी 134 मानवता भलाई के कार्यों में सेवा करते हैं तथा मरणोपरांत शरीरदान कर समाज में भलाई के कार्यों को आगे बढा रहे हैं। इसी कड़ी को जोड़ते हुए ब्लॉक रामपुरथेड़ी-चक्कां के गांव खाजाखेड़ा के पूर्व भंगीदास धनराज इन्सां की धर्मपत्नि राजरानी इन्सां अपनी स्वांसों रूपी पूंजी पूर्ण कर कुल मालिक के चरणों में जा बिराजी। राजरानी इन्सां ने जीते जी यह प्रण लिया था कि वे अपनी मृत्यु के बाद देहदान करेंगी। उनकी अन्तिम इच्छा के अनुसार परिजनों ने उनके पार्थिव शरीर को उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित एफ. एम. मैडिकल कॉलेज इटमादपुर को रिसर्च के लिए दान कर दिया। इसी के साथ ब्लॉक राजरानी इन्सां ब्लॉक की दसवीं देहदानी बनी।

बेटियों ने अर्थी को कंधा देकर दिया निभाया बेटे का फर्ज

शरीरदानी राजरानी इन्सां की अन्तिम विदाई के समय समाज से बेटा बेटी के भेदभाव को नकारते हुए उनकी बेटियों रानी इन्सां, अकी इन्सां, गीता इन्सां, बेटे प्रेम इन्सां व अंग्रेज इन्सां ने सामुहिक रूप से अर्थी को कंधा देकर समाज को अनुकरणीय संदेश दिया। इस समय ब्लॉक भंगीदास राजाराम इन्सां ने संगत के साथ विनती भजन बोलकर बहन राजरानी इन्सां की देह को मेडिकल रिसर्च के लिए रवाना किया। इस अवसर पर ब्लॉक भंगीदास राजाराम इन्सा, पूर्व भंगीदास धनराज इन्सां, 15 मैम्बर जगजीत इन्सां, श्रीराम इन्सां, विजय इन्सां, राजेन्द्र इन्सां, गुरजीत इन्सां, भजन लाल इन्सां, भीम सेन इन्सां, शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैलफेयर फोर्स विंग के सदस्य, परिजन, रिश्तेदार, ग्रामिण व बड़ी संख्या में संगत मौजूद रही।

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