सोसायटी का चुनाव रद्द होने से भड़के ग्रामीण, सोसायटी कार्यालय पर जड़ा ताला

मांगों को लेकर समाधान शिविर से लेकर चंडीगढ़ दरबार तक गुहार लेकर पहुंचे ग्रामीण 

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कुरुक्षेत्र (सच कहूँ ब्यूरो)। Kurukshetra News: जिले के गांव बारना में दी बारना बहुउद्देशीय सहकारी समिति के चुनाव पर रोक लगाने का मामला अब गर्मा गया है। फैसले के विरोध में सोमवार को ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। चुनाव प्रक्रिया रोके जाने से नाराज सैकड़ों ग्रामीणों और पैक्स से जुड़े किसानों ने सोमवार सुबह इकट्ठा होकर बारना सोसायटी कार्यालय पर ताला जड़ दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोगों ने अपनी संभावित हार को देखते हुए, सोसायटी में बड़े फ्रॉड़ को छुपाने के लिए व अवैध नियुक्तियां करने के लिए इस चुनाव पर रोक लगवाई है।

ताला जड़ने के बाद ग्रामीणों ने समाधान शिविर में उपायुक्त के नाम शिकायत सौंपी, इसके बाद बाद दी कुरुक्षेत्र कॉपरेटिव बैंक के जीएम गोपी चंद को एक शिकायत पत्र सौंपा, जिसमें मैनेजर बदलने की बात कही गई। इसके बाद ग्रामीण एसीएस सहकारी समितियां के पास पहुंचे और अपनी शिकायत दर्ज करवाई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सोसायटी में मौजूद कर्मचारी द्वारा सोसायटी के लेन देन में मोटा घोटाला किया है। इसी को छुपाने के लिए चुनाव प्रक्रिया को कैंसिल करवाया गया है। दी कुरुक्षेत्र कॉपरेटिव बैंक के जीएम गोपीचंद ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि जल्द बारना सोसायटी में मैनेजर का जार्च किसी अन्य को दिया जाएगा। 

सोची समझी साजिश के तहत लगाई  चुनाव प्रक्रिया पर रोक: ग्रामीण 

ग्रामीण टेकचंद, हवा सिंह, रामचंद्र, महेंद्र सिंह, सर्वजीत सिंह, काली राम, कमल, प्रेम, सुरेंद्र शर्मा, फतेह सिंह, गुरमीत सिंह, बलकार व अन्य ने प्रशासन को चेताते हुए कहा कि जब तक सोसायटी में सही ढंग से काम काज शुरु नही किया जाता, तब तक सोसायटी पर ताला जड़कर रखेंगे। ग्रामीणों ने कहा कि चुनाव की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं और इसके लिए 24 मई की तारीख तय की गई थी। फार्म की छंटनी व निशान मिलने समेत सभी कार्य पूरे कर लिए गए थे, लेकिन ऐन वक्त पर, चुनाव से ठीक चार दिन पहले 20 मई को एक सोची-समझी साजिश के तहत चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई, जोकि लोकतंत्र का हनन किया गया है। 

किसानों के साथ धोेखा करने का लगाया आरोप

ग्रामीण रामचंद्र ने कहा कि चुनाव के बिल्कुल नजदीक आने पर इस तरह से रोक लगाना यह साबित करता है कि कुछ लोग बैकडोर से सोसायटी पर अपना कब्जा बनाए रखना चाहते हैं और वे आम किसानों के लोकतांत्रिक अधिकार का गला घोंट रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सोसायटी का एक कर्मचारी लंबे समय से सोसायटी की व्यवस्थाओं को अपने हिसाब से चला रहे हैं, उन्हें डर था कि इस बार चुनाव होने पर आम किसान अपनी पसंद की ईमानदार कमेटी चुन लेंगे। ग्रामीणों ने कहा, यह सीधे तौर पर आम किसानों के साथ धोखा है और ग्रामीण कुछ लोगों की इस तानाशाही को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।

Kurukshetra News
Kurukshetra News: सोसायटी पर ताला जड़कर नारेबाजी करते ग्रामीण। 

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